रोहतक। नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के लिए उपभोक्ताओं का पसीना छूट रहा है। निगम कर्मचारियों की लापरवाही का आलम यह है कि उपभोक्ताओं को हिंदी में बिल भेजकर अंग्रेजी में जमा करवानी वाली टैक्स ब्रांच ने अब पिता का नाम ही बदल दिया। अर्जुन नगर निवासी देशबंधु जैन ने बताया कि उससे 27 हजार रुपये विकास शुल्क जमा करवा लिया। फोन नंबर गलत लिखकर पिता का नाम प्रकाशचंद की जगह प्रकाशचंद्र लिख दिया। उसे टैक्स जमा करवाने में दो घंटे लग गए, लेकिन त्रुटि अब ठीक नहीं हुई है। रोज 500 से ज्यादा लोग टैक्स जमा करवाने आ रहे हैं।
298 रुपये का मैसेज भेजकर 732 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराया
प्रीत विहार कॉलोनी निवासी मुनीराम ने बताया कि उसे नगर निगम की तरफ से मैसेज आया कि उसका 298 रुपये बिल है। 31 जुलाई से पहले बिल जमा कराने पर 10 प्रतिशत छूट मिलेगी। वह वीरवार को नगर निगम में पहुंचा तो पहले कहा गया कि टैक्स का बिल वेरिफाई करवाओ। नया बिल निकाला तो 434 रुपये और जोड़कर 732 रुपये का बिल भरवाया। महिला क्लर्क बोली-कचरा शुल्क भी भरना पड़ेगा। वह दाोपहर 12 बजे निगम में गया और साढ़े 3 बजे बिल जमा करवाकर वापस आ सका।
छह किलोमीटर दोबारा जाना पड़ा टैक्स जमा कराने
सनसिटी स्थित सेक्टर-35 निवासी राजकुमार ने बताया कि उसका 12 हजार 420 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स आया हुआ था। वह वीरवार दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर काउंटर पर टैक्स जमा कराने लगा तो महिला क्लर्क ने कहा कि साइट नहीं चल रही है। 2 बजे के बाद दोबारा छह किलोमीटर दूर से आकर डेढ़ घंटा फिर लाइन में लगकर टैक्स जमा करवा सका।
शीला बाईपास निवासी तमन्ना ने बताया कि वह दोपहर टैक्स जमा कराने निगम में पहुंची। कचरा शुल्क जोड़ने के बाद उसके पास 135 रुपये की राशि कम पड़ गई। उसने कहा कि ऑनलाइन जमा करवा देती हूं, लेकिन निगम कर्मचारियों ने ऑनलाइन टैक्स लेने से इन्कार कर दिया।
निदेशक विकास गुप्ता कल करेंगे टैक्स ब्रांच के कार्य की समीक्षा
शहरी विभाग के निदेशक विकास गुप्ता शनिवार को ऑनलाइन रोहतक की टैक्स ब्रांच के कार्यों की समीक्षा करेंगे। इसमें प्रॉपर्टी स्वयं प्रमाणित करने से लेकर प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटि भी शामिल है। ऐसे में निगम आयुक्त ने शुक्रवार शाम 4 बजे टैक्स ब्रांच के अधिकारियों की बैठक बुलाई है, जिसमें ब्रांच के कार्यों की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
वर्जन
टैक्स ब्रांच के कार्य की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई है। टोकन सिस्टम लागू कर दिया है। व्यवस्था में और सुधार करेंगे।
- डाॅ. आनंद शर्मा, आयुक्त नगर निगम