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प्रवासी मजदूरों में लॉकडाउन का डर, करने लगे पलायन

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कोरोना संक्रमण अपना असर दिखाने लगी है। संक्रमितों व इससे मरने वालों का आंकड़ा हर दिन बढ़ रहा है। इसलिए प्रशासन ने हालात बेकाबू होने से पहले एहतियातन नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। बचाव के इन प्रयासों के बीच प्रवासी मजदूरों में लॉकडाउन का भय सताने लगा है। यही वजह है कि धीरे-धीरे मजदूरों ने पलायन शुरू कर दिया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, मगर मजदूर सड़क पर पहले की तरह निकल पड़े तो इस बार फसल कटेगी न उठान होगा। उद्योग ही नहीं भवन निर्माण के काम भी ठप हो जाएंगे। ऐसे में मजदूरों का पलायन चिंता का विषय बनता जा रहा है।
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हर दिन बिहार जा रही तीन से चार बसें
शहर के कच्चा बेरी रोड फाटक के पास नई अनाज, चारा एवं सब्जी मंडी के बाहर बिहार, उत्तर प्रदेश, नेपाल जाने वालों की भीड़ लगी रहती है। इन्हें इनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए निजी बस संचालक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यहां से रोजाना तीन से चार बसें बिहार के लिए रवाना हो रही हैं। इनमें बड़ी संख्या में लोग अपने घर जा रहे हैं।
कोरोना का नाम लेने से कतरा रहे लोग
मजदूरों के यहां से पलायन के संबंध में अमर उजाला ने बुधवार को बस की इंतजार में खड़े यात्रियों से संपर्क किया तो कोरोना का नाम किसी ने नहीं लिया। लोग महामारी या उसके खतरे से डर कर घर जा रहे हैं, यह स्पष्ट रूप में कहने के बजाय घर में शादी या चुनाव होने की बात कही। हालांकि मजदूरों ने दबे स्वर में महामारी के डर से भी इनकार नहीं किया। महाराष्ट्र के हालात उनसे छिपे नहीं हैं। इस बारे में परिजनों से फोन पर लगातार बातचीत हो रही है।
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अनाज मंडी में कम पड़ रहे मजदूर
रबी सीजन की फसल गेहूं व सरसों की कटाई जोरों पर है। कटाई के बाद फसल मंडियों में भी पहुंच रही है। इस कारण खेत व मंडी दोनों की जगह मजदूरों की जरूरत है। जबकि मजदूर पहले से ही कम हैं। कोरोना संक्रमण के खतरे के कारण पहले ही प्रवासी मजदूर कम हैं। इनमें से बड़ी संख्या में होली पर घर गए थे। ये अब तक नहीं लौटे हैं। ऊपर से अब घर जाने का सिलसिला और शुरू हो गया है। यह सिलसिला जारी रहा तो मजदूरों की कमी बड़ी परेशानी बन जाएगी। मंडी ही नहीं, उद्योग, फैक्टरियों व कंपनियों का काम भी प्रभावित होगा। मजदूरों के अभाव में भवन निर्माण कार्य तक ठप होने का अंदेशा बढ़ने लगा है।
मंडी में अनाज आ रहा है। मजदूर कुछ कम हैं, मगर काम चल रहा है। महामारी का संक्रमण बढ़ने व मजदूरों के पलायन की स्थिति बनने से मुश्किल हो जाएगी। काम थम जाएगा। ऐसे में मजदूरों को समझाने व महामारी से बचाव के उपाय के प्रति जागरूक बनाने की जरूरत है।
- हर्ष गिरधर, जिला प्रधान, अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन
उद्योगों पर असर कम है। मजदूरों की कमी है। होली पर घर गए मजदूर भी नहीं लौटे हैं। ऐसे में संक्रमण के डर से ये मजदूर भी पलायन कर जाते हैं, तो मुश्किल बढ़ जाएगी। यह चिंता का विषय है। इस ओर सोचने की जरूरत है।
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- एसके खटौड, जिला अध्यक्ष, रोहतक आईडीसी इंडस्ट्री एसोसिएशन
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