फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) में शैक्षणिक सत्र 2015 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को राहत मिली है। इन विद्यार्थियों को अब तीन वर्र्षीय पाठ्यक्रम के तहत डिप्लोमा की बजाय इग्नू से डिग्री मिलेगी। इसके लिए एफडीडीआई और इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) के बीच एमओयू हुआ है। हालांकि सत्र 2012, 2013 और 2014 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के संबंध में अभी कोई फैसला नहीं हो सका है।
एफडीडीआई में लंबे समय से डिग्री को लेकर विवाद चल रहा है।
शैक्षणिक सत्र 2012, 2013, 2014 में प्रवेश के दौरान संस्थान ने विद्यार्थियों को चार वर्षीय पाठ्यक्रम के अनुसार डिग्री देने का दावा किया था, लेकिन पाठ्यक्रम पूरा होने से पहले ही हाथ खड़े कर दिए। बाद में डिप्लोमा देने पर सहमति बनी। छात्रों के विरोध को देखते हुए शैक्षणिक सत्र 2015 में पाठ्यक्रम तीन वर्षीय कर दिया गया। इस दौरान स्पष्ट किया गया कि संस्थान से डिप्लोमा ही मिलेगा। अब इग्नू से एमओयू के बाद वर्ष 2015 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को राहत मिली है।
इन्हें डिप्लोमा नहीं, बल्कि डिग्री दी जाएगी। इससे रोहतक स्थित संस्थान में करीब 100 विद्यार्थियों को फायदा होगा। हालांकि अभी भी करीब 250 पुराने विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्हें इस एमओयू का लाभ नहीं मिल सकेगा। सूत्रों की मानें तो जल्द ही संस्थान पुराने विद्यार्थियों के हितों को देखकर फैसला लेने वाला है।
संस्थान का इग्नू से एमओयू हो गया है। नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को अब डिप्लोमा के स्थान पर डिग्री दी जाएगी। इससे काफी विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।
- मनोज अग्रवाल, एफडीडीआई रोहतक।