रोहतक। बिजली निगम की नया उपमंडल बनाने की प्रक्रिया कागजों में ही दिखाई दे रही है। पुराने उपमंडलों में बिजली कनेक्शनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उपभोक्ताओं की सुविधा के अनुसार सब अर्बन-1 का रोहतक डिवीजन (उप नगरीय एक के रोहतक उपमंडल) में डेढ़ गुना बिजली कनेक्शन हैं। इन्हीं कारणों से बिजली व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही है।
बिजली निगम सर्कल के उप नगरीय-एक रोहतक डिविजन में उपभोक्ता निगम की अव्यवस्थाओं का सामना कर रहे हैं। फॉल्ट के समय दो-तीन घंटे बाद बिजली बहाल होती है। 36 से अधिक गांवों के लोगों को शहर में बने कार्यालय में आकर अपना कार्य करवाना पड़ता है। यही कारण है कि डिवीजन में 39 हजार से अधिक बिजली कनेक्शन हैं। सरकार के निर्देशों के अनुसार 25 हजार बिजली कनेक्शनों पर नया डिवीजन तैयार करना के निर्देश हैं।
बिजली निगम के अधिकारियों का दावा है कि मुख्यालय से नया उपमंडल बनाने की कार्रवाई चल रही है। सब अर्बन-1 के रोहतक डिवीजन का एक और नया उपमंडल बनाने की स्वीकृति मिल चुकी है। सर्कल में चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई चल रही है।
वहीं, अगर कागजों में नया उपमंडल बनाने की स्वीकृति मिल गई है तो नए उपमंडल के लिए खुद का आरएपीडीआरपी सिस्टम नहीं बना है। इसके बगैर बिजली उपभोक्ताओं के नए आवेदन करने व बिजली बिल भरने जैसी सुविधाएं चालू नहीं हो सकती है।
सुनारिया कलां के कृष्ण कुमार ने बताया कि अगर गांव या गली में फॉल्ट आता है तो दो-तीन घंटे तो कर्मचारी मौके पर पहुंचने में लगा देते हैं। अगर ऑफिस वर्क है तो शहर के अंदर जाना पड़ता है।
-
सब अर्बन-1 का रोहतक डिवीजन में ये हैं गांव
सब अर्बन-1 के रोहतक डिवीजन में करीब 36 गांव आते हैं। इसमें चिड़ी, नांदल, लाखनमाजरा कस्बा, चांदी, इंद्रगढ, घरौंठी, भगवतीपुर, टिटौली, सिसरौल, सुंदरपुर, नसीरपुर, चमारियां, सिंहपुरा कलां व खुर्द, बहुअकबरपुर, बहुजमालपुर, ताजा माजरा, सुनारिया कलां व खुर्द, गरनावठी, ककराना, रिटौली, कबुलपुर, बालंद, करौंथा, शिमली, मायना, पहरावर, समय गोपालपुर, निडाना, खरैंटी, कन्हेली, कुताना, मकड़ौली खुर्द व झज्जर जिले के कारौर व भंभेवा गांव शामिल हैं।
कनेक्शन के आधार पर सब अर्बन-1 रोहतक डिवीजन को दो हिस्से में बांटा जाना है। मुख्यालय से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है। सर्कल के अलग-अलग डिवीजन में यह कार्रवाई चल रही है। जल्द ही इसका एक नया उपमंडल बनाया जाएगा। -रामप्रसाद, एसडीओ, बिजली निगम।
संवाद