17सीटीके18... डीएलसी सुपवा में अपने उत्पाद से अवगत कराती छात्रा। स्रोत: सुपवा
रोहतक। सुपवा का फैशन व लाइफस्टाइल डिजाइन विभाग अपने दूसरे वर्ष और चौथे वर्ष के छात्रों के लिए शुक्रवार से जूरी परीक्षा आयोजित कर रहा है। इसमें अपने अंतिम संग्रह व उत्पादों को सम्मानित उद्योग, पेशेवरों और संकाय सदस्यों के पैनल के सामने प्रस्तुत करने के लिए मंच के रूप में कार्य किया गया है। इस वर्ष की जूरी में फैशन उद्योग के विशेषज्ञ और शिक्षाविद शामिल रहे। इन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में ज्ञान व अनुभव साझा किया।
फैशन व लाइफस्टाइल डिजाइन के प्रमुख सतीश रंगा के मार्गदर्शन में, छात्रों ने सतह अलंकरण, हाथ से बुनाई, डिजाइन प्रक्रिया और गैर-बुना तकनीक विषयों का उपयोग किया। इससे हैंडबैग, पर्दे, बेडशीट, तकिए, आभूषण, सैंडल/चप्पल, परिधान, ड्रेसिंग टेबल व अन्य उत्पादों का प्रदर्शन किया। छात्रों के काम ने समकालीन फैशन रुझानों और पारंपरिक डिजाइन तत्वों का एक उल्लेखनीय मिश्रण प्रदर्शित किया। यह भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। प्रत्येक छात्र के संग्रह का मूल्यांकन मौलिकता, शिल्प कौशल, नवीनता और विपणन क्षमता के आधार पर किया गया। साथ ही उनके भविष्य के प्रयासों को निखारने में मदद करने के लिए फीडबैक भी प्रदान किया गया।
दूसरे वर्ष की जूरी के लिए, बाहरी विशेषज्ञ प्रोफेसर अनिल यादव, प्रमुख, एफडीडीआई, रोहतक थे और चौथे वर्ष के लिए, सुनील मेहरा, प्रमुख, मीना बाजार, नई दिल्ली ने जूरी का नेतृत्व किया। इसके साथ ही डिजाइन संकाय की परीक्षाएं समाप्त हो गईं।