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Rohtak News: किसानों का अल्टीमेटम...एक सप्ताह में बंद नाली नहीं खोली तो आत्महत्या को होंगे मजबूर

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5 लघु सचिवालय में जिला प्रशासन के ​खिलाफ नारे लगाते गांव गांधरा के किसान। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रोहतक। जिले के गांव गांधरा के किसान निजी फैक्टरी प्रबंधन के कारण सिंचाई और आवागमन का रास्ता बंद होने से परेशानी को लेकर जिला पार्षद धीरज के साथ सोमवार को समाधान शिविर में पहुंचे। किसानों ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि एक सप्ताह में सिंचाई की नाली नहीं खोली तो आत्महत्या के लिए मजबूर होंगे।
उपायुक्त सचिन गुप्ता के नाम सौंपी लिखित शिकायत में किसानों का कहना है कि नाली बंद होने से उनकी फसलों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। किसानों का कहना है कि तीन साल से केवल आश्वासन मिल रहा है। इस बार एक हफ्ते में समाधान नहीं हुआ तो धरना देने पर मजबूर हो जाएंगे।
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फैक्टरी प्रबंधन पर किसानों का आरोप है कि गांव के खेतों सिंचाई के लिए जाने वाले पानी की नाली एक निजी फैक्टरी प्रबंधन ने बंद कर दी है। फैक्टरी प्रबंधन ने उस सरकारी रास्ते पर अपने निजी इस्तेमाल के लिए सीवर लाइन डाल दी है। इतना ही नहीं, पंचायत के रास्तों पर भी कथित तौर पर कब्जा कर वहां गेट लगा दिए गए हैं।
किसान रोहतास का कहना है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे। समाधान शिविर में ग्रामीणों को जिला प्रशासन की तरफ से समाधान का आश्वासन दिया गया है।
समस्या से जूझ रहे 1600 किसान
जिला पार्षद धीरज ने बताया कि करीब तीन साल से छह हजार एकड़ भूमि के 1600 किसान समस्या से जूझ रहे हैं। समाधान शिविर में पहुंचने से पहले सांपला थाना व सिंचाई विभाग में भी इसकी शिकायत की थी लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
फैक्टरी मालिक मनमानी कर रहा है। आरोप है कि उसने सिंचाई विभाग की तरफ से पानी के लिए बनाई गई पक्की नाली भी तोड़ दी है। इस बार एक हफ्ते में समाधान नहीं हुआ तो धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। कई किसानों के खेतों के आसपास चारों तरफ दीवार ही बना दी है। इस कारण निकासी व सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
किसान जीत का कहना है कि सरकार के बनाए गए रास्तों पर निजी कब्जा होने से वे असहाय महसूस कर रहे हैं। उनकी इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मरने को मजबूर हो जाएंगे।
खेती और सिंचाई पर संकट
किसानों ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज लाल रंग के रास्तों को बंद किए जाने से किसानों का अपने खेतों तक पहुंचना दूभर हो गया है। सबसे गंभीर समस्या सिंचाई की है। प्रभावित किसानों का खाल नंबर 31100 एल है। यहां पानी की सप्लाई बाधित होने से फसलें बर्बाद होने के कगार पर हैं।
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नगराधीश अंकित कुमार ने समाधान शिविर में किसानों की समस्या सुनी। उन्होंने तत्काल सिंचाई विभाग के अधिकारियों को किसानों की समस्या के समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसकी जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
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