07jjrp05- झज्जर। लघु सचिवालय में नारेबाजी करते किसान। संवाद
झज्जर। एनसीआर क्षेत्र में खेतों से गुजरने वाली हाईटेंशन तारों के मुआवजा बढ़ोतरी और गत दिवस कोला गांव में किसानों पर किए गए लाठीचार्ज को लेकर वीरवार को झज्जर में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल लघु सचिवालय पहुंचा।
यहां उन्होंने कोला गांव में किसानों पर किए गए लाठीचार्ज और गिरफ्तारी के विरोध में नारेबाजी की और सरकार पर किसानों के मामले में तानाशाही रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि पिछले साल से लगातार हाईटेंशन लाइन के विरुद्ध किसान आंदोलन कर रहे हैं। किसान नेता डॉ. शमशेर सिंह रोहिल, खाप प्रधान सागर राठी, नरेंद्र के नेतृत्व में किसानों ने बताया कि गांव भूरावास के किसान संदीप की हाल ही में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से हुई मौत को लेकर भी सरकार से पचास लाख रुपये पीड़ित परिवार को देने की मांग की। उपायुक्त के साथ हुई वार्ता में किसानों ने हाईटेंशन तार के मामले में किसानों को आरओ 30 से 70 प्रतिशत करने और खेतों में पिल्लर के चारों तरफ 7 मीटर एरिया को शामिल कर सर्वोच्च न्यायालय की ओर से निर्देशित मार्केट रेट तय करने के मापदंडों को किसानों के लंबित डैमेज नोटिस के तहत करने की मांग की। किसानों ने जल्द ही सांपला के सर छोटूराम स्मारक पर किसानों की महापंचायत बुलाकर आगे की रणनीति बनाए जाने की भी बात कही।
उपायुक्त ने किसानों के सभी बिंदुवार सातों मांगों को सरकार को प्रेषित करने का आश्वासन दिया। हाईटेंशन लाईन मामले में अभी तक प्राइवेट कंपनी ने किसी भी जिले में किसानों को पूरा मुआवजा जारी नहीं किया है। मुआवजे प्रक्रिया के गतिरोध में अब सरकार की तरफ से प्रक्रिया होनी बाकी है। किसानों ने जल्द ही इस मामले में किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल द्वारा सीएम नायब सैनी से मिलकर अपना पक्ष रखे जाने की बात कही।