भाली आनंदपुर शुगर मिल के बाहर मगों को लेकर धरने पर बैठे किसान। संवाद
गन्ने का दाम बढ़ाने, गन्ना किसानों को चीनी देने सहित अन्य मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के सदस्यों ने भाली आनंदपुर शुगर मिल गेट पर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने शुगर मिल के एमडी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि अगर किसानों की मांग पूरी नहीं की गई तो प्रदेश में जल्द आंदोलन किया जाएगा ।
गन्ना उत्पादक संघ के संयोजक सुनील मलिक ने बताया कि पिछले कई सालों से गन्ना किसान लागत के अनुरूप भाव बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार पर्याप्त कीमत देने की बजाय खानापूर्ति कर रही है। पिछले वर्ष भी किसान आंदोलन के दबाव में 12 रुपये की वृद्धि की गई थी। हर साल खेती की लागत में वृद्धि हो रही है। खाद, बीज, दवाइयों की कीमत में वृद्धि सरकार की तरफ से भाव में वृद्धि से अत्यधिक है। इसलिए किसान घाटा उठाने के लिए मजबूर हैं।
कैप्टन शमशेर मलिक ने कहा कि गन्ने की फसल बहुत बार प्राकृतिक आपदा व बीमारियों के चलते चौपट हो जाती है। लेकिन सरकार की तरफ से कोई मुआवजा नहीं दिया जाता। पहले गन्ना उत्पादक किसानों को बॉन्ड पर चीनी की सुविधा मिलती थी, जिसे सरकार ने बंद कर दिया। पिछले साल भी सहकारिता मंत्री ने गन्ना किसानों को चीनी देने की मांग पर मौखिक सहमति दी थी। लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। इन सभी लंबित मुद्दों को लेकर गन्ना उत्पादक संघ से संबंधित किसान सभा कई जिलों में शुगर मिल पर धरना दे रही है। इसी कड़ी में भाली शुगर मिल के बाहर धरना दिया। साथ ही एमडी शुगर मिल के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर कमलेश लाहली, सत्यनारायण हुड्डा, नरेश और सुंदर सहित अन्य मौजूद रहे।