रोहतक। जिले के किसानों से जलमग्न एवं लवणीय अथवा सेम ग्रस्त भूमि में मछली पालन करने का आह्वान किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालन के लिए सरकार द्वारा अनुदान की योजनाओं को क्रियान्वित किया गया है।
उपायुक्त अजय कुमार बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकरी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए मत्स्य पालन से संबंधित 11 परियोजनाओं के लिए 9.69 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वित्त वर्ष 2022-23 में मत्स्य विभाग रोहतक द्वारा जिले के मत्स्य किसानों को 3.06 करोड़ रुपये का अनुदान लगभग 6 करोड़ के प्रोजेक्ट पर प्रदान किया था। वर्तमान समय में सरकार द्वारा मछली पालन अर्थात जलीय कृषि करनें वाले किसानों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की शुरुआत की गई है। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई) भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एक ऐसी योजना है, जिसके माध्यम से मछली पालन व्यवसाय से जुड़े हुए लोगों की आय में वृद्धि करनें के साथ ही उनके जीवन स्तर में सुधार करना है।
स्कीम के तहत जलीय कृषि को बढ़ावा देना चाहती है सरकार
उपायुक्त अजय कुमार ने कहा कि सरकार इस स्कीम के अंतर्गत जलीय कृषि को बढ़ावा देना चाहती है। इससे जलीय क्षेत्रों में व्यवसाय को एक बड़े पैमानें तक बढ़ाया जा सके। मत्स्य पालन स्वरोजगार का उत्तम साधन है। मत्स्य पालन विभाग द्वारा मत्स्य पालन की विभिन्न गतिविधियों पर सामान्य जाति को 40 प्रतिशत व अनुसूचित जाति एवं महिलाओं को 60 प्रतिशत तक का अनुदान प्रदान किया जाता है। अनुदान योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान 31 मई 2023 तक जिला मत्स्य अधिकारी रोहतक कार्यालय में आवेदन जमा करवा सकते हैं। पंचायत विभाग शीघ्र ही अपने उन तालाबों को मछली पालन के लिए पट्टे पर देगा, जिनका पट्टा अभी तक नहीं हुआ है। अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को मत्स्य पालन विभाग पट्टे की राशि, जाल की खरीद पर अनुदान तथा प्रशिक्षण भत्ता भी योजना के तहत प्रदान करता है। इसलिए अनुसूचित जाति के लोगों को इस योजना का लाभ अवश्य उठाना चाहिए
इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय सिंह मलिक, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. महावीर सिंह, जिला मत्स्य अधिकारी आशा हुड्डा, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता रामनिवास, डॉ. उपेंद्र, अर्चना कोचर, सत्येंद्र सिंह, अजय कुमार, अमित सिंह व राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।