रोहतक। कोरोना संक्रमण रफ्तार पकड़ने लगा है। यह रफ्तार पिछले साल के मुकाबले 17 गुना तेज है। जिले में बुधवार को एक ही दिन में रिकॉर्ड 123 मरीज मिले हैं। कोरोना संक्रमितों की यह संख्या लगातार दूसरे दिन सौ से अधिक रही है। मंगलवार को जिले में 115 केस मिले थे। जबकि पिछले वर्ष 26 अप्रैल के दिन जिले में सात संक्रमित केस थे। ऐसे में महामारी का खतरा कई गुना अधिक बढ़ गया है। यही हाल रहा तो एक बार फिर हर घर में कोरोना दस्तक देगा।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में बुधवार को 123 संक्रमित केस मिले। जबकि 31 मरीजों को ठीक होने पर छुट्टी दी गई। इसके साथ ही अब जिले में सक्रिय मरीजों का आंकड़ा बढ़ कर 484 पहुंच गया है। इनमें से चार मरीज अस्पतालों व शेष 480 मरीज घरों में उपचाराधीन हैं। संक्रमितों की यह संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले दो दिन में लगातार दूसरी बार 100 से अधिक केस मिले हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित हैं। संक्रमितों की इतनी बड़ी संख्या के बावजूद संक्रमण की दर का शून्य बने रहना राहत की खबर है। पिछले वर्ष 26 अप्रैल को कोरोना संक्रमण दर 1.1 प्रतिशत थी। इस दिन जिले में कुल 26 सक्रिय मरीज थे। इनमें से अस्पताल में कोई नहीं था। सुधार की दर भी 98.06 प्रतिशत बनी हुई थी। जबकि बुधवार को यह संक्रमण दर 0.33 प्रतिशत व सुधार की दर 97.93 प्रतिशत रही। ऐसे में फिलहाल संक्रमितों की संख्या में वृद्धि से इनकार नहीं किया जा सकता है।
सैंपल बढ़ने से बढ़ सकता है संक्रमितों का आंकड़ा
जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार जोरों पर है। ऐसे में कोरोना संभावित की सैंपलिंग बढ़ा दी जाए तो संक्रमितों की संख्या का बढ़ना तय है। जिले में बुधवार को 353 लोगाें के सैंपल लिए गए। इनमें से 251 आरटीपीसीआर व शेष 102 रैपिड एंटीजन जांच के रहे। पिछले वर्ष 26 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग ने 692 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। इनमें से 678 आरटीपीसीआर जांच के सैंपल थे। सैंपलों की जांच रिपोर्ट का इंतजार करने वाले भी कम नहीं थे। पिछले वर्ष इस दिन 534 लोगों को अपनी रिपोर्ट का इंतजार रहा। बुधवार को 192 लोगों को अपनी रिपोर्ट का इंतजार रहा।
कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है। संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पिछले दो दिनों से लगातार सौ से अधिक मरीज मिल रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में हमें भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। लोगों को भीड़ में जाने से बचने के साथ मास्क लगाना चाहिए। सामाजिक दूसरी बनाए रखने के साथ हाथों को साफ रखना जरूरी है।
डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन।