महम। किसान लगातार अपने खेतों से सरसों निकालने में जुटे हुए हैं। लेकिन मंडी में अभी तक सरकारी खरीद शुरू न होने से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कुछ किसान औने पौने दामों पर अपनी फसल बेच रहे हैं, जबकि कुछ किसान अपने घरों में फसल का स्टॉक करने को मजबूर हैं। मार्केट कमेटी के सचिव बसंत कुमार का कहना है कि स्टेट वेयर हाउस व हैफेड द्वारा खरीद की जानी है। 15 मार्च से हैफेड अपनी खरीद शुरू कर सकता है। उधर स्टेट वेयर हाउस प्रशासन को अभी सरकारी आदेश का इंतजार है। वेयर हाउस के डीएम रोहतास दहिया का कहना है कि अभी मंडी अलॉट नहीं हुई हैं। उनकी एजेंसी 20 मार्च के आस पास खरीद शुरू कर सकती है। किसान राजू नंबरदार ने बताया कि अब सरसों की कढ़ाई का कार्य जोरों पर है। ऐसे में खरीद कार्य शुरू कर देना चाहिए। किसान खेत से ट्राली भरकर या तो अपने घर में उतारे या फिर निजी कारखानों में कम रेट पर बेचने पर मजबूर हो रहा है।
मंडी में ट्रकों का कब्जा
अभी मंडी प्रशासन की ओर फसल बेचने के लिए आने वाले किसानों व खरीद एजेंसियों के लिए तैयारी पूरी नहीं की गई है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी मंडी के गेट से लेकर अंदर शेड के नीचे तक ट्रकों का कब्जा है। यहां पर ट्रक खडे कर मिस्त्री ट्रकों को रिपेयर काम करते रहते हैं जिससे रास्ता अवरुद्ध होता है। अगर किसानों के ट्रैक्टर ट्राली आएं भी तो उनके लिए आने जाने के लिए रास्ता भी नहीं है। मंडी सचिव का कहना है कि उन्होंने अपनी ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अगर किसान मंडी सरसों लेकर आता है तो मंडी प्रशासन गेट पास देगा। इसके अलावा जो भी किसानों व एजेंसियों को सुविधा दी जाती है उनका पूरा ख्याल रखा जाएगा। मंडी में ट्रक खड़े होने को लेकर सचिव का कहना है कि उनको बार-बार हटाया जाता है। भविष्य में यहां पर ट्रक खड़े करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।