संवाद न्यूज एजेंसी
सांपला। इलाके में हुई झमाझम बारिश ने बाजरे की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। पककर तैयार खड़ी बाजरे की फसल बारिश में गिर गई है। जिन किसानों ने पानी में ही फसल की बालियां काटकर सुखाने के लिए रखी हुई हैं, नमी के कारण अब खराब हो रही हैं। जलभराव से पीड़ित किसानों का कहना है कि बारिश ने उनके सभी अरमानों पर पानी फेर दिया। सरकार को तुरंत गिरदावरी कराकर किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
दो माह में 373 मिलीमीटर बारिश से 3500 हेक्टेयर फसलेंं प्रभावित हुई हैं। जिले में करीब 8000 हेक्टेयर में बाजरे की फसलें बोई गई हैं। पककर तैयार खड़ी फसल से किसानों ने बाली काटना शुरू कर दी है। हालांकि, किसानों का कहना है कि बारिश की वजह से फसल के उत्पादन पर भी असर पड़ा है। जो फसल गिर गई, वह खराब हो गई है।
किसान स्वरूप सिंह, रामप्रसाद, राजेंद्र सिंह, सतीश कुमार ने बताया कि ज्यादा बारिश की वजह से बाजरा, कपास, धान, सब्जियों की फसलों में नुकसान हुआ है। हालांकि अब 5 दिन से मौसम साफ होने से किसानों को कुछ राहत मिली है।
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इलाके में करीब 20 हजार हेक्टेयर में फसलें बोई हुई हैं। बारिश से ड्रेनों के साथ लगती फसल ज्यादा प्रभावित हुई हैं। राजस्व विभाग के मुताबिक, करीब साढ़े तीन हजार हेक्टेयर में फसलें प्रभावित हुई हैं। सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल रखा है। किसान उस पर अपनी खराब फसल का रजिस्ट्रेशन कराएं।
- जितेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार, सांपला।
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सांपला ब्लॉक में 2022 के जुलाई में सबसे अधिक 293 मिमी बारिश
राजस्व विभाग के मुताबिक, सांपला ब्लॉक में साल 2022 जून में 22, जुलाई में 293 व अगस्त में 43 मिमी बारिश हुई। साल 2023 जून में 110, जुलाई में 166 मिमी व अगस्त में 15 मिमी बारिश हुई। 2024 जून में 61 मिमी, जुलाई में 30 मिमी व अगस्त में 191 मिमी बारिश हुई जबकि 2025 जून में 36, जुलाई में 198 व अगस्त में करीब 175 मिमी बारिश हुई है।