फोटो 01 सैमाण गांव में जलभराव को देखते किसान नेता । स्रोत किसान सभा सदस्य
महम। क्षेत्र के गांव सैमाण में जलभराव के चलते बिना बिजाई के खाली रहने पर किसान संगठनों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। अखिल भारतीय किसान सभा ने सरकार से क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने और खाली रही कृषि भूमि की गिरदावरी को मांग की है। किसान सभा ने प्रभावित इलाके का दौरा कर सरकार से पोर्टल खोलने की मांग की।
अपनी हालत बयान करते हुए सैमाण के किसान सोमबीर व दिलबाग ने कहा कि पिछले साल भारी बारिश के चलते हजारों एकड़ फसलों में नुकसान हुआ था। फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थीं। इसका मुआवजा आज भी काफी किसानों को नहीं मिला।
जलभराव की स्थिति ऐसे ही की आज भी गांव की करीब 400 एकड़ में पानी भरा है। इसकी निकासी न होने से किसानों को इस रबी की फसल का भी नुकसान वहन करना पड़ रहा है।
अखिल भारतीय किसान सभा के पदाधिकारियों ने मंगलवार को जलभराव वाले इलाके का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि महम के कई गांव है। इसमें सैमाण, फरमाना, भैणी भैरो, मोखरा, निंदाना, सीसर की सैकड़ों एकड़ में फसल की बिजाई नहीं हो पाई।
किसान सभा के राज्य सचिव सुमित दलाल ने कहा कि सरकार रबी की खाली रही कृषि भूमि की गिरदावरी कराने, क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल किसानों के नुकसान को दर्ज करे। खरीफ की फसल के बकाया मुआवजा भी जारी किया जाए। इस मौके पर बलवान सिंह, राय सिंह, धमल, नरेश सिवाच मौजूद रहे।