संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। मंडी में धान के कम दाम से परेशान किसानों को भुगतान भी समय पर नहीं मिल पा रहा है। शुक्रवार को किसानों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा है कि धान को कम रेट पर खरीदने के बाद भुगतान भी दस दिन बाद तक हो पाता है। ऐसे में उनको परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इस साल प्राइवेट तौर पर मंडी में अब तक लगभग 5,21,000 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा करीब 9,84,000 था। शुक्रवार को मंडी में 684 क्विंटल पीआर धान की आवक हुई। अब तक 1,41,668 क्विंटल पीआर धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 1,38,968 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। इसमें से 1,14,217 क्विंटल धान की उठान की जा चुकी है।
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कई दिन बाद धान बिकता है। तब भी मनमाने रेट पर ही धान खरीदी होती है। 1121 किस्म का धान पिछली बार 4000 रुपये से अधिक बिका था, अबकी बार 3000 से 3900 प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद रहे हैं।भुगतान में भी दस दिन तक लग रहे हैं। खरीद भी सरकारी तौर पर होनी चाहिए।
- राजेश, गिरावड़
घाटे में फसल बेचनी पड़ रही है। चार दिन हो चुके हैं। 1121 किस्म की धान का भी 3000 रुपये प्रति क्विंटल दाम लगा रहे हैं। ऐसे में घाटा ही उठाना पड़ रहा है। फसल बिकने के बाद कई दिन तक उठान नहीं होता, फिर भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ता है। तब जाकर खाते में पैसा आता है।
- करतार सिंह, बोहर
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मंडी में आने वाले धान का उठान तुरंत कर दिया जाता है। इसके साथ भुगतान भी लगभग समय पर कर दिया जाता है लेकिन एजेंसियाें या मिल पर भी निर्भर होता है।
- संजय कटारिया, आढ़ती