रोहतक। किसान आंदोलन में जोश भरने के लिए भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी रविवार को मकड़ौली टोल प्लाजा पर पहुंचे। इस बीच उन्होंने किसानों के साथ प्रधानमंत्री की मन की बात का जूतों के साथ थाली बजाकर विरोध किया। चढ़ूनी ने कहा कि जब तक सरकार नहीं मानेगी हरियाणा के सभी टोल फ्री रखे जाएंगे। ऐलान किया कि 29 दिसंबर को किसान संगठनों के साथ सरकार की होने वाली बैठक में बात नहीं बनीं तो 26 जनवरी को किसान लाल किले पर झंडा फहराएंगे। वहीं आर्य समाज व कुंडू खाप ने किसान आंदोलन का समर्थन किया।
भारतीय किसान यूनियन अंबावत के प्रदेश अध्यक्ष अनिल नांदल उर्फ बल्लू प्रधान के नेतृत्व में मकड़ौली टोल प्लाजा पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने पर रविवार को पहुंचे भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया की सरकार के साथ विभिन्न किसान संगठनों की बैठक 29 दिसंबर को होगी। अगर उसमें भी कोई ठोस निर्णय नहीं निकला तो आने वाली 26 जनवरी को अबकी बार किसान लाल किले पर झंडा फहराएंगे। उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात करते हैं, दिल की बात नहीं करते। अगर वह दिल की बात करते तो अब तक किसान आंदोलन का समाधान हो गया होता।
अनिल नांदल ने कहा कि ये तीनों कृषि बिल किसान और कमेरे वर्ग को बर्बाद करने वाले हैं और सरकार इनकी खूबियां गिनवा रही है। हम चाहते हैं कि सरकार इनकी खूबियां बताने की बजाय इन्हें रद्द करे और जब तक यह कानून रद्द नहीं होंगे, उनका आंदोलन और तेज होगा। इस मौके पर लगातार 12 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे राजकुमार उर्फ राजू मकड़ौली सहित संजू, मोनू, योगेंद्र, सेठी, प्रवेश दहिया, जय भगवान सरपंच खिडवाली, हरि प्रेम, सत्यवान, उमेद, कप्तान सरपंच जिंदरान, मुख्त्यार सिंह, सुरजा सरपंच मकडौली खुर्द, अंकित, अजय बोहत, जयवीर कुंडू, भोलू, अशोक, संजय ढाका, नाहना चेयरमैन लाढोत, रामचंद्र व राजेंद्र सहित अनेकों किसान मौजूद रहे।
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अंबानी, अडानी के साथ पतंजलि का भी बहिष्कार : चढ़ूनी
मंच से किसानों को संबोधित करते हुए गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों के साथ तीन मुख्य बातों पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि वे हरियाणा के जिन भी टोल पर इन दिनों गए, सभी टोल पर बैठे किसानों की ओर से एक मुख्य मांग रखी गई। अब जब तक केंद्र सरकार इन कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेगी, तब तक पंजाब की तर्ज पर हरियाणा में भी सभी टोल फ्री रहेंगे। इसके अलावा अंबानी अडानी के साथ-साथ पतंजलि के प्रोडक्ट और बाबा रामदेव का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही हरियाणा में होने वाले आगामी पंचायती चुनावों सहित अन्य चुनावों में हर उस प्रत्याशी का विरोध करना है जोकि इन दिनों किसानों के साथ नहीं खड़े हैं।
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किसानों का यह सिर्फ आंदोलन नहीं, बल्कि एक धर्मयुद्ध : चढ़ूनी
गुरनाम सिंह चढूनी टिटौली स्थित स्वामी इंद्रवेश विद्यापीठ में आर्य समाज के सर्वोच्च संगठन सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी आर्यवेश से आशीर्वाद लेने पहुंचे। इस अवसर पर सैकड़ों किसानों व आर्य समाज के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में आर्य समाज व कुंडू खाप की ओर से किसान आंदोलन का समर्थन किया गया व इस आंदोलन में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी, कारगिल योद्धा कमांडो रामेश्वर श्योराण व उनके साथियों का स्वामी आर्यवेश व कुंडू खाप के प्रधान इंद्रजीत कुंडू ने पगड़ी व शाल देकर सम्मान किया। किसान नेता चढूनी ने कहा कि ये अब सिर्फ किसान आंदोलन नहीं रह गया, बल्कि एक धर्म युद्ध हो गया है। इस युद्ध में देश के समस्त तबकों का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने आर्य समाज के समर्थन पर कहा कि यह एक पवित्र संस्था है। इसका भी बलिदानी इतिहास रहा है। शुरू से ये संस्था भी किसानों की आवाज उठाती रही है। इसका समर्थन आंदोलन को मजबूती प्रदान करेगा। इन्होंने जिओ की सिम का विरोध करने का आह्वान भी किया। स्वामी आर्यवेश ने कहा कि महर्षि दयानंद ने सत्यार्थ प्रकाश में किसान को राजाओं का राजा कहा है। आर्य समाज के नेताओं ने हमेशा से किसानों के हकों की वकालत की है। लाला लाजपत राय, सरदार अजीत सिंह, सरदार भगत सिंह, चौधरी छोटूराम, चौधरी चरण सिंह आदि बड़े नेताओं ने किसानों की लड़ाई लड़ी। 1973 में दिल्ली के वोट क्लब पर स्वामी इन्द्रवेश ने 21 दिन की भूख हड़ताल की व गेहूं भाव 76 रुपये से 105 करवाने का काम किया था। आर्य समाज अपने कार्यक्रमों में हमेशा किसान सम्मेलनों का आयोजन करता रहता है। हालांकि हमने जींद के प्रांतीय सम्मेलन में किसान आंदोलन के समर्थन की घोषणा कर दी थी, अब इस आंदोलन में हम ओर सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
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किसानों ने मदीना टोल प्लाजा पर दिया धरना, टोल रहा फ्री
संवाद न्यूज एजेंसी
महम। कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर टोल प्लाजा मदीना पर रविवार को तीसरे दिन भी किसान धरने पर रहे जिससे टोल फ्री रहा। धरना स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के दौरान थाली बजाई गई। अध्यक्षता प्रेम सिंह सिवाच, रामफल सिसर, रामकुमार मदीना ने संयुक्त रूप से की व संचालन बलवान सिंह ने किया। धरने को संबोधित करते हुए किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष फूल सिंह शयोकंद ने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर चल रही है। सरकार ने किसानों की एकता को तोड़ने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। तीनों कृषि कानूनों किसान के हित में नहीं हैं। ये कानून किसानों को बर्बाद करेंगे और कारपोरेट घरानों को फायदा देंगे। यही कारण है कि किसान परिवारों सहित दिल्ली के चारों तरफ ठिठुरती ठंड में संघर्ष कर रहे हैं। धरने को अठगामा के प्रधान वेदप्रकाश आर्य, किसान प्रतिष्ठा मंच के प्रेम शर्मा, मुकेश खासा, काला बहलंबा, वेदपाल, राजेंद्र गुढाण, सुशीला मोखरा, सतबीर दांगी, कर्मचारी नेता राय सिंह नेहरा, प्रकाशचंद्र जनवादी महिला समिति की नेत्री सविता संबोधित किया।
मकड़ौली टोल प्लाजा पर धरने के दौरान मोजुद किसान। संवाद- फोटो : RohtakCity