रोहतक। कई गांवों के किसानों ने किसान सभा की अगुवाई में डीसी आरएस वर्मा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने को जिलेभर में विशेष गिरदावरी करवाई जाए।
किसान सभा के जिला सचिव सुमित ने कहा कि बनियानी, ककराना, सैमाण गांवों के किसानों ने विशेष गिरदावरी की मांग की है। बारिश और ओलावृष्टि से हर गांव की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। एक तरफ मौसम की मार, दूसरी तरफ सरकार घोर लापरवाही बरत रही है। नुकसान का जायजा लेने को जारी आदेश में सांपला का सिर्फ एक और रोहतक तहसील के छह गांवों में विशेष गिरदावरी करवाने को कहा गया है। कलानौर और महम का कोई गांव शामिल नहीं किया गया, जबकि, बारिश से सभी जगह बराबर नुकसान हुआ है। बाकी गांवों को शामिल न करने से किसानों में रोष है। बनियानी की करीब दो सौ एकड़ जमीन पर बारिश के चलते जलभराव के कारण गेहूं की फसल पैदा ही नहीं हो पाई। इसकी भी गिरदावरी कराई जाए। अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो सभा आंदोलन को मजबूर होगी। इस मौके पर जोगेंद्र बनियानी, बलवान सिंह, उमेद, बलबीर, श्यामलाल, प्रवीण, रमेस, हुक्मवीर, श्रीकृष्ण भी मौजूद थे।
खेतों में पानी भरने से तबाह हुई फसल
रोहतक। गांव किलोई में बारिश से फसल बिल्कुल तबाह हो गई है। गांव के किसान अपना दुखड़ा लेकर डीसी आवास पहुंचे। विकास भवन जा रहे डीसी आरएस वर्मा ने कार रोक कर उनकी बात सुनी और आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल किसान महिंदर ने बताया कि आठ मार्च से बारिश हो रही है, ओलों से भी नुकसान हुआ है। पूरे गांव के खेतों में डेढ़ फुट पानी खड़ा है। सौ फीसदी फसल का नुकसान हो गया है। अप्रैल में गेहूं की कटाई होनी थी। इस पर किसानों का सारा खर्च हो चुका है। जिसमें बुवाई से लेकर खाद, स्प्रे, डीजल आदि शामिल है। जिन किसानों ने लीज पर जमीन लेकर गेहूं की बुवाई की थी, उनका तो और ज्यादा नुकसान हुआ है। गेहूं के साथ-साथ पशुओं का चारा भी खराब हो गया है। अधिकारी आश्वासन देते हैं, पर करते कुछ नहीं है। आज 70-80 किसान आए थे। सोमवार को पांचों वार्डो के ढाई सौ से ज्यादा किसान आएंगे। तब डीसी को दोबारा ज्ञापन दिया जाएगा।