रोहतक। पीर बोधी केमिकल ब्लॉस्ट में 24 दिन बाद भी पुलिस को सात बिंदुओं पर मांगी गई रिपोर्ट नहीं मिली है। इसकी वजह से जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है और मृतक श्रमिकों के परिजनों को न्याय नहीं मिल पाया है। पुलिस ने जन स्वास्थ्य विभाग को सोमवार तक का समय दिया है।
गोहाना रोड स्थित पीर बोधी डिस्पोजल सेंटर पर 19 जून को हुए पेरोक्साइड केमिकल ब्लास्ट में उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के गांव कुचलपुर निवासी सुपरवाइजर धर्मवीर और बिहार के कटिहार निवासी प्रेमनाथ की मौत हो गई थी। जांच में देरी का कारण जन स्वास्थ्य विभाग की ओर रिपोर्ट पुलिस को नहीं भेजना बताया गया है। केमिकल जिस स्थान पर रखा जाता है वहां का तापमान 20 डिग्री से ऊपर नहीं चाहिए। घटना के दिन डिस्पोजल सेंटर की बिजली जाने के कारण तापमान बढ़ गया और पेरोक्साइड केमिकल के 15 डिब्बों में ब्लास्ट हो गया था।
पुलिस ने इन सात बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट
- खतरनाक केमिकल की देख रेख की किस कंपनी की जिम्मेदारी थी
-उसे कितने तापमान में रखना था और क्या उसकी पूरी व्यवस्था थी?
-यदि पूरी व्यवस्था थी तो केमिकल का ब्लास्ट क्यों हुआ?
-इस घटना के लिए कौन-कौन जिम्मेदार लोग या कंपनी है?
-यदि यह खतरनाक केमिकल था तो इसमें श्रमिकों को क्यों रखा गया?
-तापमान को कम करने के लिए संबंधित एजेंसी ने क्या कोई व्यवस्था की थी?
-तापमान कम रखने के लिए बिजली के साथ जेनरेटर क्याें नहीं लगाया गया?
पीडब्ल्यूडी विभाग से सात बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है, लेकिन अभी तक मिली नहीं है। अब सोमवार तक का समय दिया गया है। इसके बाद पुलिस अपनी कार्रवाई शुरू कर देगी।
सन्नी सिंह, प्रभारी सुखपुरा चौकी।