रोहतक। भाई-भाई के बीच जमीन के विवाद और बदला लेने की सनक ने एक परिवार बिखेर दिया। भाई की हत्या के आरोप में गिरफ्तार हत्यारोपी पिता-पुत्रों को शनिवार को अदालत में पेश किया। जहां से अजमेर को छह दिन के रिमांड पर लिया गया ताकि बिहार के मुंगेर से उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा सके, जिससे एक लाख 5 हजार रुपये में तीन देसी पिस्तौल व भारी मात्रा में कारतूस खरीदकर लाए गए। हत्यारोपी अजमेर के दोनों बेटों मोहित व रसूक को अदालत ने न्यायिक हिरासत के चलते जेल भेज दिया।
चार मार्च को भैणी चंद्रपाल गांव में 55 वर्षीय रूपसिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात जमीन को लेकर चल रही रंजिश के चलते अंजाम दी गई। डेढ़ माह बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपी रूपसिंह के भाई अजमेर सिंह, अजमेर सिंह के बेटे मोहित व रसूक को गिरफ्तार कर लिया। चार दिन के रिमांड के दौरान तीन देसी पिस्तौल, 106 कारतूस व वारदात में प्रयोग ट्रैक्टर बरामद किया।
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अजमेर बोला- जेल में रहूं या बाहर, बेटों से दूर नहीं रहूंगा
एवीटी स्टाफ प्रभारी सुरेश ने बताया कि अजमेर सिंह लंबे समय से गांव में खेतीबाड़ी करता था। उसके पास दो ट्रैक्टर हैं। पत्नी व दो बेटियों की पहले मौत हो गई थी। अब दोनों बेटों के साथ रहता था। उसका कहना है कि मैं जेल में रहूं या बाहर, बेटों को साथ रखूंगा। चार मार्च से पहले भाई रूप सिंह के साथ जमीन के बंटवारे का झगड़ा चल रहा था। रंजिश के चलते झगड़ा दोबारा हो गया। उसने और उसके बेटों ने फायरिंग की। इसमें दो गोलियां रूपसिंह को लगीं। इसके बाद वह ट्रैक्टर में बैठकर चरखी दादरी पहुंचे, जहां से राजस्थान के झुंझुनू में किराये पर रहे। अब झज्जर जिले के गांव ढाकला आए तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।