20सीटीके21...एमडीयू के टैगोर सभागार में आयोजित कव्वाली में मंच पर प्रस्तृति देते कव्वाल हसनैन न
रोहतक। सूफियाना संगीत का जादू बीती शाम महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के टैगोर सभागार में शाम-ए-कव्वाली में खूब छाया। नामी कव्वाल हसनैन निजामी व उनके साथी कलाकारों ने खूबसूरत कव्वाली प्रस्तुतियों से विश्वविद्यालय के फाउंडेशन डे कार्यक्रम को सुरीले सुरों से सजाया।
एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. गुलशन तनेजा, उनकी पत्नी अरुणा तनेजा समेत विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारियों, प्राध्यापकों, गैर शिक्षक कर्मियों व विद्यार्थियों ने शाम-ए-कव्वाली का लुत्फ उठाया।
कव्वाल हसनैन निजामी ने परवरदिगार की इबादत से कव्वाली कार्यक्रम का आगाज किया। अमीर खुसरो की रचना- छाप तिलक सब छीनी की प्रस्तुति से उपस्थितजन को कव्वाली के जरिए दिव्यता की अनुभूति करवाई। भर दे झोली मेरी मेरे मौला, पिया हाजी अली, कुन फाया कुन समेत अनेक कव्वालियों की प्रस्तुति निजामी बंधु कव्वाली पार्टी ने दी।
कार्यक्रम समन्वयन-संचालन निदेशक युवा कल्याण डाॅ. जगबीर राठी ने किया। आयोजन सहयोग सहायक निदेशक युवा कल्याण डाॅ. प्रताप राठी ने किया। निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी ने कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कव्वाली गायन समेत सूफी संगीत के इतिहास पर प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. हरीश कुमार ने किया। उन्होंने कव्वाल बंधुओं की प्रस्तुति को सराहा।
कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि प्रतिष्ठित चिकित्सक डाॅ. नरेंद्र रोहिल्ला उपस्थित रहे। शाम ए कव्वाली का समापन निजामी बंधु की ओर से प्रस्तुत लोकप्रिय कव्वाली दमादम मस्त कलंदर से हुआ। टैगोर सभागार में उपस्थित जन कव्वाली प्रस्तुतियों से झूम उठे।