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Rohtak News: गिरते बाल बच्चों से बड़ों तक की बढ़ा रहे चिंता

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31सीटीके37..नागरिक अस्पताल में मरीज की जांच करते डा दिनेश मालिक। संवाद
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रोहतक। बाल गिरने की समस्या से हर कोई परेशान है। सात वर्ष के बच्चे से लेकर 50 वर्षीय अधेड़ तक इस समस्या से परेशान हैं और इलाज कराने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंच रहे हैं। रोजाना करीब 250 की ओपीडी में 20 प्रतिशत यानी 50 मरीज बाल गिरने और सफेद बाल की समस्या के हैं। चिकित्सकों का कहना है कि यह खानपान के अलावा केमिकल युक्त शैंपू व बालों के तेल के प्रयोग से यह हो रहे हैं।
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नागरिक अस्पताल की त्वचा की ओपीडी में नियमित रूप से कम उम्र के बच्चों को लेकर उनके परिजन परामर्श लेने पहुंच रहे हैं। ज्यादातर केसों में बाल सिर के ऊपरी भाग से गिर रहे हैं। इसके कारण जल्दी यह समस्या काफी बाल गिर जाने के बाद लोग इलाज को आते हैं।

केमिकल शैंपू और तेल कर रहे कमजोर बाल
विशेषज्ञों की मानें तो केमिकल युक्त शैंपू और बालों का तेल अत्यधिक प्रयोग किया जा रहा है। पुराने समय से हेयर ऑयल को लेकर ज्यादातर आम लोगों की राय चिकित्सीय परामर्श से भिन्न रही है। विज्ञापनों के आधार पर बिना चिकित्सीय परामर्श के केमिकल युक्त चीजों की खरीदारी और इस्तेमाल का परिणाम ज्यादातर समय अच्छा नहीं निकलता है।
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बॉक्स
बालों को गिरने से बचाने के लिए यह करें कार्य
-चिकित्सक के परामर्श के बिना कोई भी समाधान प्रयोग में न लाएं।
-हेयर ड्रायर को तेज हीट में गीले बालों पर प्रयोग नहीं करना चाहिए।
-गर्म पानी से बालों को न धोएं।

वर्जन
सबसे पहले घरों में बालों व केमिकल युक्त शैंपू लाना बंद करें। नहाने से पहले या इसके बाद बालों में तेल लगाना दोनों ही प्रक्रिया में पोषण नहीं मिलता है। बालों में तेल नहीं लगाना चाहिए। घर के बड़े भी इस पर खास ध्यान दें। बाजार के तले-भूने खाद्य पदार्थ के बजाय हरी सब्जी व फल खाएं। बाल सफेद और गिरने की सूरत में चिकित्सकों से परामर्श लें। स्वयं डॉक्टर बन दवा या शैंपू न खरीदें।
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-डॉ. दिनेश मलिक, त्चचा रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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