रोहतक। जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद डॉक्टर अजय चौटाला का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भाजपा से मिले हुए हैं। ईडी की कार्रवाई दिखावा मात्र है, गिरफ्तारी नहीं होगी। अगर जांच एजेंसी को कार्रवाई करनी होती तो 10 साल इंतजार क्यों किया। चौटाला शनिवार को पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
अजय चौटाला ने भाजपा व कांग्रेस को सांपनाथ व नागनाथ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के करीब जाने का सवाल ही नहीं उठता। क्योंकि, कांग्रेस ने बिना कसूर उनके पिता ओमप्रकाश चौटाला व उनको जेल भिजवाया था। भाजपा के साथ तो पहले भी गठबंधन रह चुका है। टिकटों के बंटवारे के सवाल पर अजय ने कहा कि 2 सितंबर को पार्टी की बैठक है, इसमें गठबंधन की टिकटों पर मंथन होगा। इसके बाद सूची जारी की जाएगी।
चन्नी जैसा होगा नायब सैनी का हाल
अजय चौटाला ने कहा कि पंजाब के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया था। चुनाव में कांग्रेस की करारी हार हुई। उसी तरह हरियाणा में नायब सैनी का हाल होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन सरकार बनने का नुकसान जजपा को लोकसभा चुनाव में उठाना पड़ा। क्योंकि भाजपा ने किसान विरोधी नीतियां अपनाई। वे अब प्रदेश की जनता के बीच जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव में जनता तय करेगी। उन्होंने कहा कि जनता ने आशीर्वाद दिया तो एक बार फिर सत्ता की चॉबी जजपा के हाथ में होगी।
अभय ने इंडिया गठबंधन में शामिल होने का प्रयास किया
अजय ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले इनेलो नेता अभय चौटाला ने कांग्रेस से हाथ मिलाकर इंडिया गठबंधन में शामिल होने का प्रयास किया। जजपा कांग्रेस के करीब नहीं जाएगी। बुढ़ापा पेंशन पर चौटाला ने कहा कि जजपा ने ही गठबंधन सरकार से बुढ़ापा पेंशन बढ़वाई। भूपेंद्र सिंह हुड्डा 6 हजार बुढ़ापा पेंशन करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन 10 साल सत्ता में रहते क्यों नहीं की। इससे पहले अजय चौटाला ने जजपा व आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) गठबंधन के कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाने का आह्वान किया।
बैठक को जिला प्रभारी हरज्ञान मोखरा, जिला अध्यक्ष संदीप हुड्डा व बलवान सिंह सुहाग ने भी संबोधित किया। जिला प्रवक्ता एडवोकेट अजय इंदौरा ने बताया कि मौके पर दलबीर भराण, रविंद्र सांगवान, प्रदीप देशवाल, राजेश सैनी, जितेंद्र बल्हारा, प्रवीण लांबा, कृष्ण घनघस, प्रवेश कंसाला, राजेश गुलिया, मीना मकड़ोली, प्रेमलता, हरी किशन व अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।