रोहतक के टिटौली स्थित फास्टनर्स कंपनी में कार्रवाई के दौरान बरामद सामान के साथ भारतीय मानक ब्य
रोहतक। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) हरियाणा शाखा ने टिटौली स्थित पंच रत्ना फास्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड यूनिट तीन पर छापा डाला। जांच में बगैर बीआईएस का लोगो व नंबर के ही नट-बोल्ट तैयार किए जाने की पुष्टि हुई। फैक्टरी के पास बीआईएस का प्रमाण पत्र भी नहीं मिला। क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (क्यूआईसी) का उल्लंघन किए जाने के चलते बीआईएस ने कंपनी के उत्पादित नट-बोल्ट के सैंपल लिए व फैक्टरी को सील कर दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
शहर के जींद रोड स्थित नट-बोल्ट कंपनी में 1 जुलाई को बीआईएस की टीम ने छापा डालकर यहां की व्यवस्था व दस्तावेज जांचे। बगैर बीआईएस की ओर से जारी प्रमाण पत्र के फैक्टरी में उत्पादन होता मिला। यही नहीं, बिना बीआईएस लोगो व नंबर के बड़े पैमाने पर तैयार नट-बोल्ट बरामद हुए।
फर्म के पास बगैर बीआईएस मार्का वाले हेक्सागोनल हेड स्क्रू व हेक्सागोनल हेड बोल्ट का स्टॉक मिला। यह बोल्ट्स, नट्स व फास्टनर्स गुणवत्ता नियंत्रण आदेश 2024 के तहत आते हैं। बीआईएस अधिकारियों की टीम ने यहां से लैब में जांच के लिए सैंपल भेजे हैं। टीम में बीआईएस के उपनिदेशक नीरज कुमार, उपनिदेशक अनंत कुमार शामिल रहे।
वर्जन
अपराधियों के खिलाफ भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह उल्लंघन बीआईएस अधिनियम की धारा 17(1) के तहत आता है। इसमें दो वर्ष तक की कारावास या दो लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। फिलहाल फैक्टरी सील कर दी गई है। इस मामले में न्यायालय में विधिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- रमेश के, निदेशक एवं प्रमुख, हरियाणा शाखा, बीआईएस।