पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर को ज्ञापन सौंपते प्राइमरी शिक्षक। स्रोत : संगठन
रोहतक। पिछले सात साल से तबादले का इंतजार कर रहे प्राथमिक अध्यापकों का धैर्य रविवार को जवाब दे गया। प्राइमरी अध्यापक वेलफेयर एसोसिएशन ने मानसरोवर पार्क में प्रदेशस्तरीय बैठक का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि वह सात साल से तबादले का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा 2017 में तैनात हुए लगभग 9000 अध्यापक स्थायी जिला मिलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी इस समस्या पर सरकार ने कभी ध्यान नहीं दिया।
बैठक के बाद अध्यापक प्रदर्शन करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता मनीष ग्रोवर से मिले और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अध्यापकों ने बताया कि शिक्षा विभाग ने वर्ष 2004-08 और 2011 में नियुक्त हुए जेबीटी अध्यापकों को जिला कैडर बदलाव पॉलिसी के तहत जिले देने का काम सफलतापूर्वक किया था। अध्यापकों का ऑनलाइन तबादला पॉलिसी मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है। इसमें कंप्यूटर के एक बटन दबाने से 50 हजार अध्यापकों के तबादले बिना किसी भेदभाव और सिफारिश के संपन्न होने वाले थे, लेकिन अचानक इस कार्य पर ब्रेक लगने से सभी अध्यापकों में भारी रोष है।
इस दौरान राज्य प्रधान नरेंद्र दाहेगा, उप प्रधान अशोक अटेला, सचिव भगवान दांगी, मंजीत, पवन, राजकुमार, सविता, प्रवीन कुमारी, संध्या, पूनम, सुरेखा, रोहित आदि रहे।