झज्जर। प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्रों, कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों पर अब नियमित रूप से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य पीएचसी, सीएचसी स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं को बेहतर करना है। साथ ही कर्मचारियों को उनके कार्यों को लेकर गंभीरता दिलाना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पीएचसी, सीएचसी स्तर पर जांच का काम शुरू कर दिया गया है। खुद सिविल सर्जन प्रतिदिन या साप्ताहिक चार से पांच स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर जांच कर रहे हैं। इसके अलावा उप सिविल सर्जन व वरिष्ठ चिकित्सकों की भी जांच की ड्यूटी लगाई गई है। इसके लिए कमेटियां बनाई गई हैं ताकि यह टीमें जाकर व्यवस्थाओं का जायजा ले और पाई गई कमियों को दूर करवाएं। सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह खुद कई पीएचसी, सीएचसी का निरीक्षण कर चुके हैं और लगातार यह काम जारी है।
अनुपस्थिति मिलने पर काटा जा रहा वेतन
अब तक 30 से ज्यादा पीएचसी, सीएचसी का निरीक्षण किया जा चुका है। यदि कोई कर्मचारी, डॉक्टर बिना सूचना अनुपस्थित मिलता है तो उसका स्पष्टीकरण तो मांगा ही जा रहा है। साथ ही एक दिन का वेतन भी काटा जा रहा है। इसके अलावा बिना वर्दी मिलने या दिए गए लक्ष्यों को पूरा नहीं किए जाने पर भी नोटिस दिए जा रहे हैं।
जिले की सभी पीएचसी, सीएचसी व अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। जहां जो कमियां मिल रही हैं, उनको दूर करने के आदेश दिए गए हैं। आगे भी यह औचक निरीक्षण जारी रहेगा। जहां स्टॉफ अनुपस्थित मिला है, वहां नोटिस जारी कर एक दिन का वेतन भी काटने के आदेश दिए गए हैं।
- डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर
आंवला। नगरिया सतन के पूर्व प्रधान, मतदाता सूची से नाम गायब-संवाद
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