रोहतक। चाय कारोबार केवल रेहड़ी फड़ी तक सीमित नहीं रह गया है। अब तो चाय पार्लर तक खुल गए हैं और 12वीं से लेकर बीटेक पास भी चाय का कारोबार करने लगे हैं। चाय कारोबार से जुड़े ईशु व अभी के अनुसार शहर में चाय-कॉफी की छोटी-बड़ी 1000 से अधिक दुकानें हैं। जिन पर प्रतिमाह 3-4 करोड़ से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है।
सर्दी में चाय-कॉफी की मांग 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ा है। पहले ज्यादातर कम पढ़े लिखे लोग ही चाय का स्टाॅल लगाते थे लेकिन अब पढ़े-लिखे युवकों के लिए भी यह व्यवसाय फायदेमंद साबित हो रहा है। इसी का परिणाम है कि शहर में 50 से अधिक चाय पार्लर भी बन गए हैं। इन पर ज्यादातर युवा ग्राहक देखे जा रहे हैं।
यहां राजनेत भी ले चुके चाय की चुस्कियां
वर्ष 2011 में बी टेक के बाद चार साल गुरुग्राम में प्राइवेट जॉब करने के बाद 2015 में घर लौटे इशु पिछले 10 साल से सैन भगत चौक के निकट चाय की दुकान चला रहे हैं। शुरुआत में उनको यह कार्य करने में बहुत झिझक महसूस होती थी लेकिन पिता गुलशन के बीमार होने के चलते चाय का काम संभालना जिम्मेदारी भी थी। लिहाजा, गुलशन ने झिझक को दरकिनार कर चाय व्यवसाय में ही भविष्य देखा। उनके पास अब तक पार्षदों सहित अनेक राजनेता भी चाय पीने आ चुके हैं।