रोहतक। प्रशासन के जलभराव से निपटने के दावे हर बारिश में फेल साबित हो रहे हैं। शहर में वीरवार देर रात सीजन की सबसे अधिक बारिश हुई। बारिश के 14 घंटे बाद भी कई इलाकों में पानी की निकासी नहीं हो पाई। सुबह घरों से निकलने वाले लोगों को सड़कों पर भरे पानी से होकर गुजरना पड़ा। शहर के अंदर हर बारिश में सड़कों व कॉलोनियों में पानी भरना प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।
जिले में वीरवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा।दिनभर तेज धूप के साथ उमस ने लोगों को परेशान किया। वहीं बुधवार देर रात जिले में औसतन 31.75 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
रोहतक शहर में 70, महम में 16, सांपला में 35 व कलानौर में में 6 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार शहर में यह सीजन की सबसे अधिक बारिश है। बारिश का पानी सोनीपत रोड, मेडिकल मोड़, आकाशवाणी, गांधी कैंप, सुभाष नगर, बस अड्डा चौक, हाउसिंग बोर्ड, डी पार्क व राजेंद्र कॉलोनी में दोपहर बाद तक पानी सड़कों पर भरा रहा।
सोनीपत रोड व पीजीआई मेडिकल परिसर में हर बारिश पर निकासी सामने आती है। हालांकि जींद रोड व छोटू राम चौक पर पानी की निकासी देर रात तक हो गई थी। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना कि जलभराव की समस्या से पहले की अपेक्षा सुधार हुआ है। आमजन नालियों व सीवरों में कचरा न बहाएं तो निकासी की समस्या का समाधान जल्द हो सकता है।
वर्जन :
सोनीपत रोड व आकाशवाणी रोड पर नाले ब्लॉक होने से सीवरेज लाइनों में कूड़ा-कचरा चला गया था। इस कारण बारिश के पानी की निकासी में देरी हुई। हाउसिंग बोर्ड व गांधी कैंप में जलभराव को सुबह तक खत्म कर दिया गया था। -संजीव कुमार, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
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गलियों और पार्क में दोपहर बाद तक पानी की निकासी नहीं हुई है। नगर निगम और जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई भी कर्मचारी पानी की निकासी के लिए नहीं आया है। -प्रवीन सहगल, सुभाष नगर।
बारिश में सोनीपत रोड पर सेक्टर-3 व 4 की पुलिया के पास 500 मीटर तक एक फीट पानी भर जाता है। वाहनों के आवागमन से हर बारिश में दुकानों के अंदर पानी आ जाता है। -प्रदीप कुमार, सेक्टर-3-4 की पुलिया।