पीएनबी के स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में तैनात ईएसआई राजसिंह (57) ने शुक्रवार सुबह फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उस समय गार्द में तैनात दूसरे पुलिसकर्मी कमरे से बाहर थे। परिजनों का कहना है कि राजसिंह दो साल से मानसिक रूप पर परेशान चल रहा था। इसके कारण ही उसने यह आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
पुलिस के मुताबिक सल्लारा मोहल्ला निवासी राजसिंह 20 साल तक डीएसपी का रीडर रहा। एक साल बाद उसकी सेवानिवृत्ति होनी थी। फिलहाल वह अशोका चौक के नजदीक स्थित पंजाब नेशनल बैंक के स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए तैनात गार्द में ड्यूटी कर रहा था। सुबह साढ़े 7 बजे के बाद एक पुलिसकर्मी खाना लेने पुलिस लाइन में चला गया, जबकि एक बैंक के बाहर तैनात हो गया। वहीं, एक साथी पुलिसकर्मी स्नान करने चला गया। इस दौरान राजसिंह बैंक के बेसमेंट के अंदर बने गार्द के कमरे में अकेला था। उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और रस्सी से पंखे में फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। जब लाइन से साथी पुलिसकर्मी खाना लेकर आया तो उसने देखा दरवाजा नहीं खुल रहा है। मामले की सूचना आला अधिकारियों व बैंक प्रबंधन को दी गई। दूसरे रास्ते से अंदर जाकर देखा तो राजसिंह फंदे से लटका हुआ था। उसका एक पैर बेड पर तो दूसरा जमीन पर था। मामले की सूचना मिलते ही डीएसपी सज्जन सिंह व एफएसएल एक्सपर्ट डॉ. सरोज दहिया मौके पर पहुंची। शव को जांच पड़ताल के बाद परिजनों की मौजूदगी में फंदे से उतारा गया। इसके बाद बोर्ड से पीजीआई में पोस्टर्माटम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
सल्लारा मोहल्ले में रहता है परिवार
परिजनों ने बताया कि वीरवार सुबह घर से राजसिंह ड्यूटी पर आया था। शुक्रवार की सुबह पुलिस से सूचना मिली कि राजसिंह की तबीयत ठीक नहीं है। उसकी पत्नी शीला व बेटा मौके पर पहुंचे। उस समय राजसिंह का शव फंदे से लटका हुआ था। पति के शव को देखकर पत्नी सुधबुध खो बैठी। किसी तरह महिला पुलिसकर्मी ने उसे संभाला। राजसिंह का एक बेटा व दो बेटी हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। परिवार सल्लारा मोहल्ला में रहता है।