रोहतक। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वित्त विभाग ने कर्मचारी भविष्य निधि यानि ईपीएफ पांच साल से पहले निकालने पर 10 प्रतिशत टैक्स कटेगा। इसके अलावा अगर आपने ईपीएफ अकाउंट को पैन नंबर से लिंक नहीं कराया तो टैक्स की राशि 34.61 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। ऐसे में कर्मचारियों को चाहिए कि वे समय पर ईपीएफ ऑफिस में जाकर पैन नंबर लिंक कराएं। यह जानकारी टैक्स विशेषज्ञ संजय थरेजा ने दी।
एक्सपर्ट ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की तरफ से ईपीएफ का संचालन किया जाता है। इस पर सरकार की तरफ से कर्मचारी को सवा 9 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाता है। इतना ही नहीं, खाते में 12 प्रतिशत राशि कर्मचारी तो 12 प्रतिशत राशि नियोक्ता की तरफ से जमा करानी होती है। यह पहले बेसिक के ऊपर था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने भत्तों को भी इसमें शामिल कर लिया है। अगर कर्मचारी चाहे तो अपने हिस्से से 12 प्रतिशत से ज्यादा राशि भी ईपीएफ के तौर पर कटवा सकता है। थरेजा ने बताया कि दो सप्ताह पहले सुप्रीम कोर्ट का भविष्य कर्मचारी निधि को लेकर फैसला आया है, इसके चलते नियम बदल गए हैं।
...और ये बदल गए नियम
- एक्सपर्ट ने बताया कि अगर कर्मचारी अपनी नौकरी के पांच साल पूरे होने से पहले ईपीएफ निकालना चाहता है तो उसके अकाउंट से 10 प्रतिशत टैक्स कटेगा। अगर उसने पैन नंबर ईपीएफ अकाउंट से लिंक नहीं करवा रखा तो टैक्स की राशि 34.61 प्रतिशत हो जाएगी।
- अब कर्मचारी को अपनी ईपीएफ अकाउंट की राशि का ब्योरा आयकर रिटर्न में देना अनिवार्य होगा।
- अगर आपने पहले आयकर रिटर्न जमा कराने समय ईपीएफ की छूट ले रखी है तो आपको टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा। अगर आपने नियम 80 के तहत पहले छूट नहीं ले रखी तो आपका ईपीएफ का पैसा टैक्स के दायरे से बाहर रहेगा।
यूं बच सकते हैं टैक्स से
- अगर आपने पांच साल से पहले सर्विस बदल ली है तो आप पांच साल पूरे होने तक पैसा न निकालें। बल्कि दूसरी सर्विस करते समय अपने पुराने ईपीएफ अकाउंट को ही दें।
- यदि आपकी सर्विस में ब्रेक है तो आप पांच साल से पहले पैसे न निकालें। क्योंकि 3 साल तक जमा राशि पर आपको ब्याज मिलता रहेगा।
- अगर आपको जॉब से हटाया जाता है या किसी शारीरिक व मानसिक कारण से नौकरी नहीं कर पाते तो आपका 10 प्रतिशत टीडीएस नहीं कटेगा।
नए नियमों से ईपीएफ की निकासी हुई मुश्किल
- अगर कर्मचारी अपने या आश्रित व्यक्ति की बीमारी के लिए ईपीएफ अकाउंट से पैसा निकालना चाहता है तो वह अपने मासिक वेतन का 6 गुणा या अपने की जमा राशि ब्याज समेत निकाल सकता है।
- अगर कर्मचारी अपनी या बेटे-बेटी और भाई या बहन की शादी के लिए अपने हिस्से की राशि 50 प्रतिशत पैसे निकाल सकता है। बशर्ते उसकी सर्विस को सात साल पूरे होने चाहिए।
- मकान खरीदने और होम लोन चुकता करने के लिए कर्मचारी 90 प्रतिशत राशि निकाल सकता है। इसके लिए कर्मचारी की सर्विस को 3 साल पूरे होना अनिवार्य है। साथ ही मकान आपके या ज्वाइंट मिलकियत में होना चाहिए।
- मकान की मरम्मत के नाम पर कर्मचारी अपनी मासिक सैलरी की 12 गुणा राशि ईपीएफ अकाउंट से निकाली जा सकती है। इसक लिए कर्मचारी की सर्विस को पांच साल पूरे होने चाहिए।
- प्लाट खरीदने के लिए सैलरी के 24 गुणा राशि निकाली जा सकती है।
यह भी समझें
- कर्मचारी सर्विस के 54 साल पूरे होने पर 90 प्रतिशत पैसा ईपीएफ अकाउंट से निकाल सकता है।
- 58 साल सर्विस के पूरे होने पर पूरी राशि निकाल सकते हैं।