संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव की अध्यक्षता में जनरल हाउस की बैठक शुक्रवार को हुई। इसमें अधिवक्ता के वेश में अपंजीकृत लोगों के कोर्ट में प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। साथ ही जूनियर अधिवक्ताओं के लिए लाल टाई अनिवार्य की गई।
प्रधान विश्वामित्र यादव ने बताया कि लोग अपनी गाड़ी व दुपहिया वाहनों को कहीं भी खड़ा कर देते थे जिससे परेशानी होती है। सर्वसम्मति से फैसला किया गया कि सभी अपने दुपहिया वाहन पार्किंग में तथा कार पार्किंग के निश्चित स्थान पर ही चौपहिया वाहनों को खड़ा करेंगें अन्यथा उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
कहा कि कुछ लोग अधिवक्ताओं की ड्रेस पहनकर कोर्ट परिसर में घुस आते हैं, जिससे असली व नकली वकील की पहचान नहीं हो पाती है। इससे किसी भी अप्रिय घटना होने की आशंका बनी रहती है।
ऐसे में पंजीकृत अधिवक्ताओं के अलावा अन्य किसी भी व्यक्ति को कोर्ट परिसर में अधिवक्ता के ड्रेस में आने से रोक लगा दी गई है। यदि कोई भी व्यक्ति ऐसा करता पाया गया तो उस पर 5 हजार से 20 हजार रुपये तक का भी जुर्माना लगाया जाएगा।
लॉ कॉलेज के छात्र जो कोर्ट में इंटर्नशिप कर रहे हैं और उनका अभी पंजीकरण नहीं हुआ है तो वे यूनिफॉर्म के साथ काली टाई की जगह लाल रंग की टाई लगाकर आएंगे ताकि पता लग सके कि कौन अधिवक्ता पंजीकृत है और कौन नहीं।
चार एडवोकेट को भेजा नोटिस
जनरल हाउस में मुद्दा उठा कि एक अधिवक्ता के मुंशी की ओर से दिवंगत सुनील एडवोकेट के क्लेम पीटिशन में नुकसान पहुंचाने की नीयत से एक झूठी शिकायत इंश्योरेंस कंपनी के एडवोकेट को रजिस्टर्ड डाक द्वारा भेजी गई। बिना नाम के शिकायत को आधारहीन तथ्यों के आधार पर भेजा गया था। बार की जनरल हाउस की बैठक में एडवोकेट ने अनजान नाम से भेजी हुई शिकायत को कबूल किया और अपने मुंशी के नाम से बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट विश्वामित्र यादव के खिलाफ झूठी शिकायत थाने में दी। उपरोक्त संदर्भ में उपरोक्त मुंशी व एडवोकेट के साथ षड़यंत्र रचने में एक पूर्व प्रधान एडवोकेट व दो अन्य एडवोकेट भी गए थे। सभी ने मिलकर बार की मर्यादा, प्रतिष्ठा का अपमान किया है। पूर्व में पहले भी इस तरह का मिस कंडक्ट किया गया था जिसके लिए इन तीन एडवोकेट को डी-बार किया गया था। बार के सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि उपरोक्त चारों एडवोकेट को डी-बार किया जाए। उक्त सभी वकीलों को 7 दिनों का नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
एक मुंशी के न्यायालय में प्रवेश पर लगाई रोक
बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने बताया कि मर्यादा भंग करने वाले एडवोकेट के मुंशी के जिला न्यायालय में प्रवेश करने व कार्य करने पर रोक लगाई है। उपरोक्त सभी निर्णय बार के हक में सर्वसम्मति से लिए गए है। उन्होंने कहा कि ऐसे सख्त कदम इसलिए उठाए जा रहे है ताकि बार की गरिमा बनी रहे।