संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। सरकारी कर्मचारियों ने रविवार को पुरानी पेंशन बहाली (ओपीएस) की मांग को लेकर ओपीएस संकल्प मार्च निकाला। यह पैदल मार्च मानसरोवर पार्क से शुरू होकर लघु सचिवालय पर समाप्त हुआ। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी।
मार्च में स्टेट पेंशनर्ज समाज, शिक्षा विभाग, रोडवेज, बिजली, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण सहित अनेक कर्मचारी संगठनों ने भाग लिया। पेंशन बहाली संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारेवाल के नेतृत्व में कर्मचारी सड़कों पर उतरे।
प्रदर्शनकारियों ने ओपीएस बहाल करो और सरकार होश में आओ जैसे नारे लगाए। धारेवाल ने बताया कि नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम ने प्रदेश के सभी जिलों में ओपीएस संकल्प मार्च निकालने की घोषणा की है।
इस अभियान की शुरुआत रोहतक से हुई है। इसका समापन 7 फरवरी 2027 को कुरुक्षेत्र में राज्यस्तरीय ओपीएस संकल्प मार्च के साथ होगा।विजेंद्र धारेवाल ने कहा कि 2018 से चला आ रहा संघर्ष अब निर्णायक दौर में है।
उन्होंने उदाहरण दिया कि राजस्थान, हिमाचल और छत्तीसगढ़ में ओपीएस बहाल हो चुकी है। धारेवाल ने आरोप लगाया कि सरकार पेंशन के लिए पैसा न होने का भ्रम फैला रही है। जबकि विधायक-सांसदों को सभी सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों के साथ अन्याय हो रहा है। पुरानी पेंशन ही बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन की गारंटी है।