खेलों से सर्वांगीण विकास होता है। खेल जहां शरीर को स्वस्थ रखते हैं, वहीं तनाव-अवसाद से भी बचाते हैं। वर्तमान समय की जरूरत है कि हर व्यक्ति किसी न किसी खेल से जुड़े। यह कहना है एमडीयू के कुलसचिव प्रो. गुलशन तनेजा का। वे शुक्रवार को विवि कर्मियों की 22वीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का बतौर मुख्य अतिथि शुभारंभ कर रहे थे।
उन्होंने जीवन में खेलों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल मानसिक, शारीरिक एवं आत्मिक स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभाते हैं। खेलों से तन-मन-जीवन स्वस्थ बनता है। इस खेलकूद प्रतियोगिता के आयोजन के लिए गैर शिक्षक कर्मचारी संघ व शिक्षक संघ को श्रेय जाता है। इससे कर्मचारियों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी।
खेल निदेशक डॉ. डीएस ढुल ने प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि खेलों के बगैर स्वस्थ जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने कर्मियों को थोड़ा समय जरूर खेल मैदान पर बिताने के लिए प्रेरित किया। वित्त अधिकारी मुकेश भट्ट व शैक्षणिक शाखा के उप कुलसचिव एमएल बतरा भी कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
गैर शिक्षक संघ के प्रधान रणधीर सिंह कटारिया ने इस दो दिवसीय खेल प्रतियोगिता के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कर्मचारियों से खेल प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़ कर भाग लेने की अपील की। जनसंपर्क कर्मी सुरेश पाल राठी ने कार्यक्रम का संचालन किया।
इस मौके पर प्रो. कुलताज सिंह, राजेश गिरधर, रविंद्र लोहिया, रमेश रोहिल्ला, विकास अहलावत गोल्डी, पूर्व प्रधान निरंजन कुमार, शांतिलाल सिक्का, कुलवंत मलिक, सुमेर अहलावत, फूल कुमार बोहत, पंकज नैन समेत कार्यकारिणी सदस्य, विवि प्राध्यापक, गैर शिक्षक कर्मी, खेल प्रशिक्षक, खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
संघ के प्रधान ने कहा कि खेल प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्ग की महिला एवं पुरुषों की 400 मीटर दौड़, शॉटपुट, लंबी कूद, 100 मीटर दौड़, वालीबाल, हैमर थ्रो, 400 मीटर की रिले दौड़, ज्वेलिन थ्रो व बैडमिंटन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। शनिवार को 200 व 800 मीटर की दौड़, डिस्कस थ्रो, कर्मियों के बच्चों की 100 मीटर दौड़, मटका दौड़ व रस्साकसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। समापन सत्र में कुलपति प्रो. राजबीर सिंह बतौर मुख्यातिथि विजेताओं को पुरस्कृत करेंगे।