रोहतक। सरकार ने हरियाणा में भी कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) को 1 अगस्त से लागू करने का फैसला लिया गया। प्रदेश के कर्मचारियों ने इसका विरोध किया है। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने शुक्रवार को मानसरोवर पार्क में पेंशन बहाली को लेकर प्रदर्शन किया।
मानसरोवर पार्क से लघु सचिवालय तक विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने पेंशन बहाली को लेकर रोष प्रदर्शन किया। पेंशन बहाली संघर्ष समिति के जिला प्रधान अनिल स्वामी ने कहा कि सरकार में बैठे लोग केवल पूंजीवाद को मजबूत करने में लगे हुए हैं। बिना सोचे-समझे पेंशन स्कीम को लागू करना एनपीएस के लिए घातक है, यह सरकार के असंवेदनशील रवैये को दर्शाता है।
जिला महासचिव संजय सिंहमार ने कहा कि ऐसी कोई भी स्कीम लागू करने से पहले सरकार को कर्मचारी वर्ग के प्रतिनिधियों को चर्चा करनी चाहिए। अगर कर्मचारी वर्ग इसे अपनाने के लिए तैयार है तो ही लागू करें, न कि जबरदस्ती थोपी जाए।
जिला कोषाध्यक्ष रविकांत ने कहा कि सरकार के अनुसार कर्मचारियों को एनपीएस और यूपीएस में से कोई एक विकल्प चुनने का मौका मिलेगा। अगर कोई कर्मचारी यूपीएस का चयन कर लेता है तो फिर उसे दोबारा कोई मौका नहीं दिया जाएगा। पेंशन बहाली संघर्ष समिति इसका विरोध करती है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जल्द पुरानी पेंशन बहाली के लिए पहल नहीं की तो प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिलास्तरीय रोष प्रदर्शन में जिला उपप्रधान संजय राठी, ललित कुमार, मंजू राणा, जोगेंद्र ढुल, जिला सलाहकार डॉ. अजय कादियान व संजीव भारद्वाज आदि ने आंदोलन को मजबूत करने का संकल्प लिया।