सर्व कर्मचारी संघ, सीटू व अन्य संगठनों ने कृषि कानूूनों व बिजली बिल 2020 के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलनरत किसानों को समर्थन देते हुए शनिवार को शहर में प्रदर्शन किया। मानसरोवर पार्क में बैठक कर सभी ने सरकार की निंदा की व किसानों पर लाठीचार्ज करने, पानी की बौछार व आंसू गैस छोड़ने पर रोष प्रकट किया। सभी ने सरकार से तीनों कृषि कानून व बिजली बिल वापस लेने की अपील की। ऐसा नहीं करने पर आंदोलन जारी रहेगा। भिवानी में मुंढाल के नजदीक किसान धन्ना सिंह की दुर्घटना में मौत होने पर मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
पार्क में वक्ताओं ने कहा कि सरकार जनता व किसानों पर काले कानून थोप रही है। इन्हें बगैर किसी शर्त सरकार तुरंत वापस ले। केंद्र एवं हरियाणा सरकार हर प्रकार से किसान एवं कर्मचारी विरोधी नीतियों को लागू करने पर आमादा है। सरकारी विभाग, उद्योग, हवाई जहाज, रेल, परिवहन एवं कारखानों को पूंजीपतियों के हवाले करके मेहनतकश जनता को उनका गुलाम बनाना चाहती है। इसीलिए यह विरोध के स्वर उभरे हैं। कर्मचारी व आमजन 26 नवंबर को हड़ताल कर अपना रोष व्यक्त कर चुके हैं। इसके बावजूद सरकार अपने अड़ियल रवैये से पीछे हटने का नाम नहीं ले रही है।
किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह, सर्व कर्मचारी संघ के ब्लॉक रोहतक प्रधान सतबीर मुंढाल, विनोद देशवाल, सुरेखा, रामकिशन, संजय बिड़लान, सतवीर सिंह ने कृषि कानून, बिजली विधेयक बिल 2020 एवं श्रम कानून संशोधन बिल 2020 का विरोध किया। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कर्मवीर सिवाच व सीटू जिला उपाध्यक्ष संजीव कुमार ने प्रदर्शन की अध्यक्षता की। संचालन सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव जयकुंवार दहिया व सीटू जिला सचिव प्रकाश चंद्र ने किया। इस मौके पर नगर निगम से अशोक दुलगच, बिजली निगम से प्रभु दयाल, धर्मराज कुंडू, सिंचाई विभाग से सुरेंद्र हुड्डा, शिवकुमार, रोडवेज से हिम्मत राणा, राजपाल सिंह, हेमसा से मुकेश खरब, वन विभाग से जोगिंदर करौथा, हुडा से प्रेम सिंह घिलौंडिया, रिटायर कर्मचारी संघ से खेमचंद, प्रकाश, किसान सभा से प्रीत सिंह, शमशेर मलिक, सीआईटीयू से सुरेंद्र मलिक, सतवीर सिंह, नौजवान सभा से संदीप, एसएफआई से सुरेंद्र कुमार ने भी अपने विचार रखे।
आंदोलन को दबाना मौलिक अधिकारों का हनन
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन की प्रदेश कमेटी की बैठक बलवंत भवन रोहतक में संपन्न हुई। मीटिंग की संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष अनूप सिंह मातनहेल ने अध्यक्षता में हुई इस बैठक में किसान आंदोलन को दबाने की कार्रवाई मौलिक अधिकारों का हनन बताते हुए आंदोलनकारियों को रसद मुहैया कराने पर जोर दिया गया। संगठन के अखिल भारतीय अध्यक्ष सत्यवान ने कहा कि केंद्र सरकार के तीन काले कानूनों एवं संशोधित बिजली बिल 2020 के खिलाफ आंदोलन को निरंतर तेज किया जा रहा है। गांव-गांव में संघर्ष कमेटियां बना कर किसानों के जत्थे दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। हरियाणा एवं केंद्र सरकार की ओर से आंदोलन को दबाने की कार्रवाई मौलिक अधिकारों का हनन है। इस दमनात्मक कार्रवाई को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। संगठन ने हरियाणा निवासियों से अपील की है कि देश भर के आंदोलनकारी किसानों को दिल्ली में खाने-पीने की पूरी मदद करें। संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडोठी ने बैठक का संचालन किया।