नारनौल। जिले में आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन (ईएमटी) की भारी कमी मरीजों के लिए संकट बन गई है। 42 स्वीकृत पदों में से 33 खाली हैं और महज 9 ईएमटी कर्मियों के सहारे आपात सेवाएं चल रही हैं। स्टाफ की इस कमी के कारण कई मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता जिससे उनकी हालत गंभीर हो जाती है और कुछ मामलों में अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत तक हो जाती है।
जिले में किसी भी सड़क मार्ग पर कोई हादसा होता है तो एंबुलेंस चालक को सूचना दी जाती है ताकि मरीज को समय पर अस्पताल में पहुंचाया जा सके। जिले में केवल 9 ईएमटी है, जबकि रोस्टर के हिसाब से करीब 42 होने चाहिए।
अगर नारनौल के नागरिक अस्पताल की ही बात की जाए तो यहां से प्रतिदिन पांच से सात मरीज प्रतिदिन रोहतक रेफर किए जाते हैं। ऐसे में बिना ईएमटी के एंबुलेंस में मरीज ले जाना जान जोखिम में डालना जैसा है।
17 में से 4 स्वास्थ्य केंद्र पर ईएमटी तैनात
जिलेभर में 17 स्वास्थ्य केंद्रों व नागरिक अस्पताल में एंबुलेंस सेवा मौजूद है लेकिन उनमें से चार पर ही ईएमटी कर्मी मौजूद है। इसकी वजह से आपातकाल में मरीज को समय पर उपचार नहीं मिल पाता है।
एंबुलेंस के 17 चालक कम
जिलेभर में 28 एंबुलेंस अभी विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर चल रही है। इन एंबुलेंस पर अभी 17 चालकों की कमी है। अभी 76 चालक ही अपनी सेवा दे रहे हैं जबकि जिला में 93 होने चाहिए। इस दौरान कई बार चालक सप्ताह में कई बार अवकाश भी कर लेते हैं जिसकी वजह से और समस्या बढ़ जाती है।
गर्भवती को रेफर करने पर कर्मी जरूरी
कई बार गर्भवती को इमरजेंसी में रोहतक रेफर करना पड़ता है। अगर उस समय एंबुलेंस पर कोई ईएमटी कर्मी नहीं होता है तो गायनी वार्ड से किसी कर्मचारी या फिर परिवार के सदस्य की देखरेख में सफर तय करना पड़ता है। अगर बीच रास्ते में गर्भवती महिला को कोई परेशानी होती है रामभरोसे ही अस्पताल पहुंचा जाता है।
जिले में एंबुलेंस व ईएमटी की संख्या
स्थान एंबुलेंस की संख्या ईएमटी
नारनौल 7 5
नांगल चौधरी 2 2
अटेली 2 1
महेंद्रगढ़ 3 1
भोजावास 1 00
कनीना 1 00
सेहलंग 2 00
नांगल सिरोही 1 00
सतनाली 1 00
माधोगढ़ 1 00
छिलरो 1 00
रामपुरा 1 00
सिहमा 1 00
बाछोद 1 00
दोचाना 1 00
बलाहा कलां 1 00
दौंगड़ा चौक 1 00
वर्जन:
ईएमटी की कमी के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। अभी जिले में 9 ईएमटी सेवा दे रहे हैं।-उमेश कुमार, फ्लीट मैनेजर नागरिक अस्पताल नारनौल