मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के गांव बनियानी को म्हारा गांव-जगमग गांव योजना से बाहर कर दिया गया है। क्योंकि लोगों ने न तो पूरे बिजली के बिल भरे और न ही सभी मीटर घरों से बाहर निकाले जा सके। एक साल में 70 प्रतिशत बिजली चोरी हो गई। जबकि पड़ोसी गांव आंवल के लोगों ने सराहनीय काम किया। पूरे साल का औसतन लाइन लॉस 45 प्रतिशत तक आ गया है, जहां 18 घंटे बिजली सप्लाई हो रही है।
बिजली निगम की ओर से पूरे प्रदेश में लाइन लॉस के आधार पर बिजली सप्लाई की जा रही है। निगम की ओर से रूरल एरिया की चारों डिवीजन रोहतक ग्रामीण, महम, कलानौर व सांपला का एक साल का रिकार्ड खंगाला गया। पाया गया कि जिले के अंदर ग्रामीण एरिया में 60 प्रतिशत से ज्यादा लाइन लॉस हो रहा है। 90 प्रतिशत गांव ऐसे हैं जहां 50 प्रतिशत से अधिक लाइन लॉस हो रहा है। ऐसे में निगम म्हारा गांव-जगमग गांव योजना से बाहर के गांवों में 10 से 12 घंटे तक बिजली सप्लाई कर रहा है। वहीं निगम की ओर से अब 50 प्रतिशत से अधिक लाइन लॉस वाले गांवों में 8 घंटे के कट लगाए जाएंगे।
नेताओं से जुडे़ गांव में ज्यादा लाइन लॉस
ईस्माइला को छोड़ दिया जाए तो जिले के अंदर नेताओं से जुड़े गांवों में बिजली निगम को ज्यादा घाटा हो रहा है। 1 अप्रैल 2016 से 17 मार्च 2017 तक पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गांव सांघी में लाइन लॉस 79.80 प्रतिशत रहा, जबकि किलोई में 84 प्रतिशत तो महम विधायक आनंद सिंह दांगी के गांव मदीना में 83 प्रतिशत लाइन लॉस हुआ। महम हलके के सबसे बड़े गांव मोखरा में 82 प्रतिशत घाटा निगम को हुआ है।
इन गांवों में सबसे ज्यादा लाइन लॉस
गांव लाइनलोस
इस्माईला 88.99
जेठपुर 87.31
कुलताना 85.68
किलोई 84.16
भाली 84.13
गिरावड़ 83.52
खिड़वाली 83.31
मदीना 83.15
टिटौली 82.92
कंसाला 82.13
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सबसे कम लाइनलोस वाले टॉप 10 गांव
गांव लाइनलोस
आंवल 45.15
खेड़ी महम 50.67
किशनगढ़ 52.95
लाहली 57.94
डोभ 59.34
कन्हेली 60.66
नांदल 61.55
सुनारियां 61.55
हसनगढ़ 66.92
ब्राह्मणवास 68.83
रात को 10 तो दिन में दो घंटे मिलेगी बिजली
निगम ने ग्रामीण एरिया की चारों डिवीजन रोहतक ग्रामीण, महम, कलानौर व सांपला के लाइन लॉस का एक साल का रिकार्ड खंगाला। जांच में मात्र 10 गांवों को छोड़कर सभी में 70 से 88 प्रतिशत लाइन लॉस मिला है। जहां निगम रात को 10 घंटे व दिन में दो घंटे बिजली दे रहा है। म्हारा गांव-जगमग योजना के तहत आंवल गांव में 18 घंटे बिजली दी जा रही है, जहां मात्र साल का 45 प्रतिशत लाइन मिला है, जो जिले में सबसे कम है। जबकि बनियानी गांव को योजना से बाहर कर दिया गया है। वहां लोगों ने बिजली मीटर भी बाहर नहीं निकाले।
एसके बंसल, एसई, बिजली निगम।