रोहतक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को जींद में होने वाले कार्यक्रम में हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए डीजल वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक व सीएनजी वाहनों की आवाजाही होगी। पार्टी व प्रशासन ने निर्णय लिया है कि कार्यक्रम स्थल पर इलेक्ट्रिक वाहन और सीएनजी ऑटो रिक्शा ही पहुंचेंगे।
पुराना आईटीआई ग्राउंड में सोमवार को पुलिस प्रशासन और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण ने इस संबंध में सीएनजी ऑटो रिक्शा चालकों से बातचीत की। शहर के सभी सीएनजी ऑटो चालकों को बुलाया गया और उन्हें कार्यक्रम में ड्यूटी के लिए तैयार रहने को कहा गया।
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आरटीओ सचिव वीरेंद्र ढुल ने बताया कि सरकार की ओर से ऑटो चालकों को ड्यूटी के एवज में भुगतान किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि प्रदूषण कम हो और कार्यक्रम से हरित परिवहन का संदेश जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दिन कुछ सीएनजी ऑटो का संचालन शहर के अंदर जबकि कुछ का जींद तक संचालन किया जाएगा।
हालांकि, ऑटो चालकों ने प्रक्रिया पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि सुबह उनके ऑटो रिक्शा की आरसी ले ली गई लेकिन शाम को पुराने आईटीआई ग्राउंड में पहुंचने के बाद कार्यक्रम की सूचना दी गई। वहीं, अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि भुगतान समय पर किया जाएगा और कार्यक्रम के दौरान चालकों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।