प्रदेश में गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। करीब एक साल से ऑपरेशन की बाट जोह रहे मरीजों को अब अधिक इंतजार नहीं करना होगा। इसके लिए 14 जुलाई से संस्थान में इलेक्टिव सर्जरी शुरू होने जा रही है। मरीजों का ऑपरेशन करने के लिए मॉड्यूलर ओटी को संक्रमण मुक्त करने के साथ अन्य तैयारियां भी कर ली गई हैं। इससे पूर्व कुछ तकनीकी खामियों के चलते ओटी शुरू नहीं किया गया था।
पीजीआईएमएस में प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा राजस्थान, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश व पंजाब से मरीज उपचार के लिए आते हैं। यहां दैनिक ओपीडी में सात से आठ हजार मरीजों की जांच होती है। इनमें से 200 से 250 मरीजों का प्रतिदिन ऑपरेशन किया जाता है। कोरोना संक्रमण के चलते ओपीडी में संख्या प्रतिबंधित कर इलेक्टिव सर्जरी को रोक दिया गया था। संस्थान में केवल गंभीर मरीजों की ही सर्जरी की जा रही थी। इसके चलते हर दिन 200 के करीब इलेक्टिव सर्जरी कराने वालों की सूची लंबी हो रही थी। कोरोना के सिमटते दायरे व मरीजों की परेशानी को देखते हुए संस्थान ने पांच जुलाई से इलेक्टिव सर्जरी शुरू करने की योजना बनाई थी। लेकिन इलेक्टिव सर्जरी के लिए मॉड्यूलर ओटी के पूरी तरह तैयार नहीं होने के चलते रोक दी गई थी। अब करीब एक सप्ताह बाद इसे शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए ओटी में जरूरी चीजें मुहैया कराने के साथ इसे संक्रमण रहित कर दिया गया है। अब यहां ऑपरेशन हो सकेंगे। इससे मरीजों को राहत मिलेगी। मरीज निजी अस्पतालों में महंगी सर्जरी कराने से बच सकेंगे। गौरतलब है कि अमर उजाला ने मरीजों की इस समस्या को 28 जून के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इस पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और पीजीआईएमएस प्रशासन ने संज्ञान लिया और अब सर्जरी शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
एक साल से बंद रही इलेक्टिव सर्जरी
कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस में पिछले एक साल से इलेक्टिव सर्जरी बंद है। महामारी से पहले संस्थान में रोजाना तकरीबन 250 सर्जरी होती रही है। इसमें हड्डी रोग, नेत्र रोग, स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग, ईएनटी, सर्जरी समेत अन्य विभागों के मरीज शामिल होते हैं। संस्थान के ऑपरेशन थियेटर में इलेक्टिव सर्जरी नहीं होने से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही थी। पिछले एक साल में संस्थान में रोजाना 200 मरीजों के हिसाब से यह संख्या करीब 73 हजार बनती है। अब इन मरीजों को राहत मिलने की राह नजर आने लगी है।
कोरोना के कारण इलेक्टिव सर्जरी बंद थी। अब संक्रमित केस कम हो गए हैं। कुछ तकनीकी कमियां सामने आने के कारण ओटी शुरू नहीं की गई थी। मरीजों की परेशानी ज्यादा है। इसलिए बुधवार से ओटी शुरू की जा रही है। यहां मरीजों की इलेक्टिव सर्जरी की जाएगी।
- डॉ. पुष्पा दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस