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Rohtak News: हक के लिए हर चौथे दिन बुजुर्ग कर रहे शिकायत

Sat, 15 Jun 2024 03:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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14jjrp01 झज्जर लघु सचिवालय परिसर में सीनियर सिटीजन सेल में कार्रवाई करते हुए टीम के सदस्य।संवाद
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झज्जर। आज की भागदौड़ की जिंदगी में बुजुर्ग मां-बाप अपनी संतान से केवल दो मीठे बोल और थोड़ी सी देखभाल की उम्मीद करते हैं। इस पर बेटा-बेटी पानी फेर दे रहे हैं। सेवा करना तो दूर अपने पास रखना भी नहीं चाहते हैं। मां-बाप को घर से बाहर निकालने के मामले भी सामने आ रहे हैं।
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पुलिस विभाग की सीनियर सिटीजन सेल में भी हर चौथे दिन बुजुर्ग बच्चों के खिलाफ शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकतर शिकायत बच्चों द्वारा देखभाल नहीं करने, मारपीट करने, खाना नहीं देने, बाथरूम का इस्तेमाल नहीं करने, घर से निकालने की शिकायत सबसे ज्यादा आ रही हैं। आंकड़ों पर नजर डाले को जनवरी से मई तक सीनियर सिटीजन सेल में 44 शिकायत आ चुकी हैं। यानी हर चौथे दिन एक शिकायत आ रही है।
वर्ष 2023 में 187 शिकायत सेल के पास आई थीं। सेल सदस्यों का प्रयास रहता है कि दोनों पक्ष को बुलाकर समझाया जाए और समझौता करवाया जाए। अधिकतर मामलों में समझौता हो भी जाता है। समझौता नहीं होता, उस केस को एसडीएम के पास ट्रांसफर कर दिया जाता हैं। आगे एसडीएम सुनवाई कर फैसला लेते हैं। सुनवाई में या तो बच्चे माता-पिता को सही तरीके से रखने का भरोसा देते हैं या हर माह भरण-पोषण का खर्चा देना होता है। प्रॉपर्टी यदि माता-पिता के नाम हैं तो ऐसी स्थिति में बच्चों को बाहर का रास्ता भी दिखा दिया जाता है।
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केस एक
बहादुरगढ़ निवासी एक बुजुर्ग महिला ने शिकायत दी थी कि उसके बेटे की मौत हो चुकी हैं। बहू अपनी मां को साथ रखती है। उसे खाना नहीं देती और पिटाई भी करती है। यहां तक की घर का बाथरूम तक इस्तेमाल नहीं करने देती। इस पर सेल के सदस्यों ने बहू और सास को बुलाया। समझाने पर बहू मान गई। बहू की मां को उसके घर भेजा गया। अब सब ठीक चल रहा है।

केस दो
एमपी माजरा निवासी एक बुजुर्ग ने शिकायत दी कि उसका बेटा उसे खाना नहीं देता हैं। उसे तंग करता है। इस पर बेटे को बुलाकर समझाया गया और पिता को सही तरीके से रखने लग गया।

केस-तीन
एक बुजुर्ग ने शिकायत दी कि बेटे-बहू ने उसे घर से निकाल दिया है, जबकि घर उसके नाम है। इस पर सेल ने दोनों पक्ष को बुलाकर सुनवाई की। बच्चों को घर से बाहर का रास्ता दिखाया गया।

वर्जन
पहले की अपेक्षा बुजुर्गों के साथ बच्चों के विवाद के मामले बढ़े हैं। फिर भी प्रयास किया जाता है कि सुनवाई कर समझौता करा दिया जाए। जिस मामले में समझौता नहीं हो पाता है तो उसे एसडीएम के पास रेफर कर दिया जाता है।-रोशनलाल, इंचार्ज, कम्युनिटी लाइजनिंग सेल, झज्जर
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