रोहतक। चार साल पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर दुबई से दिल्ली तस्करी करके लाए गए तीन किलो सोने से जुड़े हत्या के केस में मंगलवार को अदालत ने आठ आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। केस में सीसीटीवी फुटेज के बावजूद पुलिस यह साबित नहीं कर सकी कि दिल्ली के युवक राहुल की हत्या आरोपियों ने की है।
बचाव पक्ष के वकील पीयूष गक्खड़ ने बताया कि डॉक्टर विपिन ने सितंबर 2018 में शिकायत दी थी कि उसके पास एक युवक का फोन आया कि उसके दोस्त के परिचित का बीपी कम हो गया है। उसका उपचार करना है। थोड़ी देर बाद एक युवक को अस्पताल में लाया गया, जहां उसकी मौत हो चुकी थी। उसने लड़कों को आवाज लगाई तो वे काले रंग की स्कॉर्पियो में बैठकर भाग गए। मामले की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की। जांच के दौरान मृतक की शिनाख्त दिल्ली के किराड़ी निवासी राहुल के तौर पर हुई। पुलिस ने मामले में आठ युवकों सोनू डबास, हितेष, धीरेन, सचिन, सुधीर, अनिल, दिनेश व जयबीर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी धीरेन ने खुलासा किया कि वे दुबई से सोना दिल्ली लेकर आते थे। इसके लिए हवाई जहाज की टिकट दिल्ली निवासी राहुल बुक करवाता था। जून 2018 में उनका तीन किलो सोना दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया। सभी ने इस कारोबार में पैसा लगाया था, लेकिन माल पकड़े जाने से काफी नुकसान हुआ। शक था कि राहुल ने मुखबिरी करके माल पकड़वाया है। योजना के तहत राहुल का अपहरण किया गया। पहले उसे सोनीपत में एक फार्म हाउस पर ले गए। इसके बाद रोहतक लेकर आए। मारपीट के चलते राहुल की हालत बिगड़ गई। तत्काल उसे निजी अस्पताल में दाखिल कराया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी।
पुलिस ने अदालत में आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था, लेकिन पुलिस आरोप साबित नहीं कर सकी। इसके चलते एएसजे आरके यादव की अदालत ने आठों युवकों को बरी कर दिया।