फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा: शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने 35 हजार बच्चों की ओर से चुने गए 109 श्रेष्ठ शिक्षकों को सम्मानित किया

Sun, 06 Sep 2026 09:30 PM IST
मयूर शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक

सार

महिपाल ढांडा ने कहा कि शिक्षकों को संकल्प लेना चाहिए कि वे ऐसी पीढ़ी तैयार करेंगे, जो भारत को दुनिया में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। शिक्षकों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने कहा- जब श्रेष्ठ गुरुजनों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन साथ हो तो कोई भी ताकत लक्ष्य की राह नहीं रोक सकती।
विज्ञापन
महिपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री, हरियाणा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि भारत को विकसित व विश्व गुरु बनाने में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम होने वाली है। हर शिक्षक का एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि वह भारत को ताकतवर व संस्कारवान बनाएगा। शिक्षकों को संकल्प लेना चाहिए कि वे ऐसी पीढ़ी तैयार करेंगे, जो भारत को दुनिया में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। शिक्षकों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने कहा- जब श्रेष्ठ गुरुजनों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन साथ हो तो कोई भी ताकत लक्ष्य की राह नहीं रोक सकती।

विज्ञापन


शिक्षक अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करें और बच्चों को ज्ञान, संस्कार और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाएं। यही प्रयास भारत को फिर से दुनिया में उसका गौरवपूर्ण स्थान दिला सकता है। भारत आत्मनिर्भर बनकर रहेगा और इसमें शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम होगी।  श्रेष्ठ शिक्षक वही है, जो असंभव को संभव कर सके। 

शिक्षा मंत्री ढांडा रविवार को अमर उजाला की ओर से दादा लखमी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्स्टस (डीएलसी सुपवा) के ऑडिटोरियम में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में कही।उन्होंने 35 हजार से ज्यादा छात्रों की ओर से चुने गए 109 श्रेष्ठ शिक्षकों की मेहनत व लगन को पुरस्कृत किया। छात्रों ने ऑनलाइन वोटिंग के जरिए अपने इन 109 प्रिय शिक्षकों को चुना था।  शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक मनोज कुमार राठी और धर्म सिंह को भी सम्मानित किया। 

ढांडा ने शिक्षकों से कहा कि भारत के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने वाली पीढ़ी की उंगली पकड़कर उसके वर्तमान और भविष्य को संवारने वाले शिक्षक ही हैं। देश की करीब 65 प्रतिशत आबादी युवा है। इन युवाओं को बेहतर शिक्षा देकर और उनका कौशल निखारकर भारत को सबसे बड़ी ताकत बनाया जा सकता है। यदि देश में अव्वल दर्जे की प्रतिभाएं तैयार होंगीं तो भारत किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों में ज्ञान के साथ उत्साह, एकता, संस्कार और सकारात्मक सोच भी विकसित करें।

ऐसी प्रतिभाओं को तैयार करें जो आगे चलकर पूरी दुनिया का मार्गदर्शन करने में सक्षम हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प लिया है, वह हर देशवासी का संकल्प है। इसकी पूर्ति में शिक्षकों का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के दौरान शहर के मेयर राम अवतार वाल्मीकि, सुपवा की रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक व जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक मौजूद भी रहीं। शिक्षकों के साथ अनेक स्कूलों के प्रिंसिपल भी इस अविस्मरणीय समारोह के साक्षी बने। 

हरियाणा में 42 प्रतिशत से 92 प्रतिशत तक पहुंचा परिणाम

शिक्षा मंत्री ने हरियाणा के परीक्षा परिणाम में हुए सुधार को शिक्षकों की मेहनत का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले प्रदेश का परीक्षा परिणाम 40 से 42 प्रतिशत के आसपास रहता था। शिक्षकों की मेहनत और संकल्प से इसमें बड़ा बदलाव आया और अब परिणाम करीब 92 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए 2030 तक का समय दिया है मगर हरियाणा ने इस लक्ष्य को इसी साल हासिल कर लिया है और जल्द ही इसके परिणाम भी आने शुरू हो जाएंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें