रोहतक। शिक्षा विभाग विद्यार्थियों और शिक्षकों को अपडेट रखने के लिए हर तरह के प्रयास कर रहा। अगर विद्यार्थी भी पाठ्यक्रम को अच्छी तरह से समझें तो परिणाम भी बेहतर आएंगे। तभी कक्षा तत्परता कार्यक्रम का उद्देश्य सफल होगा। यह बात शिक्षा निदेशालय के अतिरिक्त निदेशक वीरेंद्र सहरावत ने कही। वे मंगलवार को एमडीयू के टैगोर सभागार में हुए रोहतक मंडल स्तरीय सीआरपी कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में पांच जिलों (रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल और झज्जर) से 893 जिला एवं खंड शिक्षा अधिकारी व प्राचार्य के साथ 105 विद्यार्थी भी पहुंचे। सहरावत ने कहा कि कैथल के एक स्कूल में औचक निरीक्षण के दौरान मंथली टेस्ट की एक तस्वीर सामने आई। जिसमें एक अंग्रेजी शिक्षक ने विद्यार्थियों को पेपर में गलत सवाल के भी नंबर दिए हुए थे। इसके लिए शिक्षकाें को आत्म मंथन के साथ ईमानदारी से काम करने की जरूरत है।
मंथली टेस्ट में सोनीपत ने मारी बाजी
कार्यक्रम के दौरान मंथली टेस्ट में सोनीपत के पहले और रोहतक के दूसरे नंबर पर रहा। वहीं, सांघी स्कूल की बेटियों ने बता मेरे यार सुदामा रे, भाई घने दिन में आया लोकगीत से शिक्षा अधिकारियों की खूब वाहवाही बटोरी। यही नहीं, विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सीआरपी, मंथली टेस्ट, एलईपी, एपीएआरसी, कर्मचारियों की जानकारियों को ऑनलाइन करने आदि विभिन्न बिंदुओं के बारे में बताया। इस अवसर पर डीईओ सत्यवती नांदल, बीईओ वीरेंद्र मलिक, जितेंद्र सांगवान, स्वीटी भारती, मनोज, प्रमोद कुमार, विनय मल्होत्रा, सुरेंद्र हुड्डा, जसवीर सिंह धनखड़ मौजूद रहे।
एससीईआरटी तैयार करेगा 9वीं से 12वीं के मंथली टेस्ट पेपर
एससीईआरटी के प्रोजेक्ट अधिकारी सुरेंद्र सिंधु ने कहा कि इस बार 9वीं से 12वीं कक्षा के मंथली टेस्ट पेपर भी सेंट्रलाइज्ड किए जाएंगे। इसमें हर टीचर से तीन पेपर सेट लिए जाएंगे और उनसे पेपर तैयार किया जाएगा। पहले ये टेस्ट पेपर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड करता था। उन्होंने कहा कि एमटीएमएस के तहत पूरे प्रदेश के पहली से 12वीं कक्षा के करीब 22 लाख विद्यार्थियों के पेपर लिए जा रहे हैं और उनका मूल्यांकन किया जा रहा है। हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां सरकारी स्कूलों में बड़े पैमाने पर मंथली टेस्ट लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंथली टेस्ट के परिणामों को ऑनलाइन अपलोड करने के मामले में सोनीपत तीसरे, रोहतक 7वें, पानीपत 13वें, करनाल 18वें और झज्जर 19वें नंबर पर रहा है। वहीं मंथली टेस्ट में झज्जर, रोहतक और सोनीपत के विद्यार्थियों की उपस्थिति 99 फीसदी रही है।
मोबाइल एप से ले सकेंगे सीएल की अपडेट
टेकभनोलॉजी अधिकारी सुरेंद्र बांगड़ ने बताया कि विभाग इस साल अपने वेब पोर्टल पर तीन नई सर्विस शुरू करने जा रहा है। सर्वप्रथम, अधिकारी और कर्मचारी मोबाइल एप के जरिये सीएल (कैजुअल लीव) की अपडेट ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि काफी कर्मचारी नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई भी करते हैं। जो कर्मचारी विदेश में जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं या विदेश घूमना चाहते हैं, उन्हें भी ई-सर्विसेज के माध्यम से अनुमति मिलेगी। उन्होंने कहा कि एमडीएम की डिमांड भी पोर्टल के जरिये स्कूलों से मांगी जाएगी। विभाग का परिवर्तन स्कूल के नाम से एक एमआईएस पोर्टल बनाया जा रहा है। यह विद्यार्थी, स्कूल और कर्मचारियाें के इर्द गिर्द ही रहेगा। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल तक विभाग के सभी एक लाख कर्मचारी अपनी निजी और प्रोफेशनल जानकारी ऑनलाइन दें। इसे सुनिश्चित कराने और अप्रूवल देने की जिम्मेदारी बीईओ की होगी। यही नहीं, बोर्ड कक्षाआें के सभी विद्यार्थियों का परिणाम भी बोर्ड से लेकर ऑनलाइन किया जाएगा।
शिक्षा दीक्षा टीम ने बनाया विजुअल डिवाइस
प्रोग्राम अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि साल 2013 में इसी मंच से एक शिक्षा दीक्षा टीम का गठन हुआ। जिसने रियेलिटी विजुअल डिवाइस बनाया है। यह मोबाइल से चलने वाला डिवाइस है, जो एक प्रोजेक्टर की तरह काम करता है। इसके लिए न तो बिजली की जरूरत है और न ही इसे चार्जिंग करने या बैटरी बदलने की जरूरत है। इसमें डिवाइस में मोबाइल के माध्यम से वीडियो दिखाई जा सकती है। इसे केवल 150 से 200 रुपये के खर्च में तैयार किया गया है। इसे प्रदेशभर के हर सरकारी स्कूल में दिया जाएगा। इसे बनाने में स्वीटी भारती, मनोज, पूजा, प्रदीप मलिक, संदीप, नरेंद्र आदि का सहयोग है।