अमर उजाला अखबार में 5 मई को प्रकाशित समाचार।
झज्जर। तबादला होकर दूसरे जिलों में गए जेबीटी शिक्षकों के वेतन न मिलने के मामले में मौलिक स्कूल शिक्षा निदेशालय ने संज्ञान लिया है। मौलिक स्कूल शिक्षा निदेशालय की तरफ से प्रदेश के सभी उन जेबीटी शिक्षकों के बारे में जानकारी मांगी हैं, जिनका वेतन कुछ माह से नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए मौलिक स्कूल शिक्षा निदेशालय की तरफ से सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया गया है।
पत्र में लिखा गया है कि निदेशालय के संज्ञान में आया है कि पिछले कुछ माह से प्रदेश के कई जेबीटी शिक्षकों को किन्हीं कारणों की वजह से वेतन नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में विभाग ने एक प्रोफार्मा जारी करके संबंधित जेबीटी शिक्षकों के बारे में जानकारी मांगी है। यहां बता दे कि 5 मई के अंक में अमर उजाला ने तबादले ने रोका 10 हजार से अधिक शिक्षकों का वेतन शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें बताया था कि तबादले के कारण एचआरएमएस पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं होने के कारण 10 हजार से अधिक जेबीटी शिक्षकों का वेतन रुक गया है। इस कारण जेबीटी शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समाचार प्रकाशित होने के बाद विभाग ने संज्ञान लेते हुए जानकारी मांगी है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष भारद्वाज ने कहा कि विभाग की पत्र से आया है। उसकी जानकारी भेजी जा रही है।
यह भेजनी है जानकारी
इसमें जिले का नाम, ब्लाक का नाम, जेबीटी शिक्षक का नाम, आईडी नंबर, वर्तमान में जिस स्कूल में शिक्षक कार्यरत है, उसकी जानकारी स्कूल कोड के साथ भेजनी है। इसी प्रकार से पे कोड, डीडीओ का नाम, पद, उसकी वर्तमान में ड्यूटी कहां है और मोबाइल नंबर भेजा जाना है। साथ ही वेतन न आने का कारण भी लिखना है।