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लगातार तीसरे दिन महसूस हुए भूकंप के झटके, तीन सेकेंड तक रही कंपन, तीव्रता 2.8 रही

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रोहतक में शुक्रवार दोपहर 03:32:36 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। लोगों का कहना है कि उन्हें करीब दो-तीन सेकेंड तक कंपन महसूस हुई। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.8 मापी गई। भूकंप का केंद्र महेंद्रगढ़-देहरादून फॉल्ट लाइन के पास रोहतक शहर से 17 किलोमीटर दूर अटायल गांव के पास रहा। हलचल जमीन मेें दस किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। रोहतक से गुजर रही महेंद्रगढ़-देहरादून फॉल्ट लाइन के नजदीक लगातार आ रहे भूकंपों पर राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की भी नजर है। रोहतक में पिछले तीन दिन से लगातार भूकंप के झटके महसूस किए गए, 24 जून को 2.8, 25 जून को 2.2 और 26 जून को 2.8 तीव्रता के साथ धरती हिली।
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आपदा प्रबंधन के जिला समन्वयक सौरभ धीमान ने बताया कि बीते मंगलवार करौंथा और लघु सचिवालय में भूकंप सूचक यंत्र लगाने के बाद अब सांपला में भी यंत्र लगाया जाएगा। इनसे पहले रोहतक के बैंसी गांव में एक यंत्र लगा हुआ है। भविष्य में इनकी संख्या और अधिक बढ़ाई जा सकती है। प्रदेश में एक माह के अंदर यह 14वां व जिले में 12वां भूकंप था। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 1969 से 26 जून 2020 तक जिले में 206 भूकंप आ चुके हैं। इस जून में दूसरी बार ऐसा हुआ है कि लगातार तीसरे दिन भूकंप के झटके महसूस हुए।
लघु सचिवालय में लगे यंत्र का जीपीएस नहीं कर रहा काम
आपदा प्रबंधन के जिला समन्वयक सौरभ धीमान ने बताया कि लघु सचिवालय में लगाये गये भूकंप सूचक यंत्र में कुछ तकनीकी खामी चल रही है, उसका जीपीएस सही से काम नहीं कर रहा है। जबकि करौंथा गांव में लगा यंत्र सही से काम कर रहा है। लघु सचिवालय में लगे यंत्र को हटाकर एक गांव में लगाया जाएगा। सोमवार को इंजीनियर इस काम को करेंगे।
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प्रदेश में आए 14 भूकंप, 12 का केंद्र रोहतक
दिनांक स्थान भूकंप की तीव्रता
28 मई फरीदाबाद 2.8
29 मई रोहतक 4.5 और 2.9
1 जून रोहतक 1.8 और 3.0
3 जून फरीदाबाद 3.0
7 जून रोहतक 1.8
8 जून रोहतक 2.1
18 जून रोहतक 2.1
19 जून रोहतक 2.3
20 जून रोहतक 1.8
24 जून रोहतक 2.8
25 जून रोहतक 2.2
26 जून रोहतक 2.8
भूकंप रोधी तकनीक से कम ऊंचाई वाले मकान बनाएं
देहरादून से महेंद्रगढ़ तक जमीन के नीचे एक फॉल्ट लाइन है। इसमें अनगिनत दरारें हैं। इन दिनों इन दरारों में गतिविधियां चल रही हैं। इसके तहत प्लेट मूवमेंट करती हैं। इसके आपस में हल्की सी टकराने पर ही कंपन पैदा होता है। यह कभी भी कहीं भी हो सकता है। इसी वजह से भूकंप के झटके महसूस होते हैं। ऐसे में क्षेत्र में लोगों को भूकंप रोधी पदार्थ से मकान बनाने चाहिए। लोगों को दो या तीन मंजिल से अधिक ऊंचे मकान नहीं बनाने चाहिए। मकान बनाने से पहले मिट्टी की जांच व भूकंप संबंधी अन्य बातों को जानना जरूरी है। मकान हल्के व मजबूत होने चाहिए।
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