रोहतक। ई-टिकट मशीनों में बैटरी, प्रिंटर, स्क्रीन में खराबी और चार्जिंग व इंटरनेट बाधित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यही नहीं, ई-टिकट मशीनें बीच-बीच में काम करना भी बंद कर रही हैं। इससे हैप्पी कार्ड लाभार्थियों को शुल्क देकर सफर करना पड़ रहा है।
रोहतक डिपो में 193 रोडवेज बसों के लिए विभाग की ओर से 199 ई-टिकट मशीनें दी गई हैं। इनमें 40 मशीनें खराब हैं जबकि 159 मशीनें काम कर रही हैं। 2022 में यात्रियों के लिए ई-टिकटिंग मशीनों की सुविधा शुरू की थी ताकि यात्रियों को इसका फायदा हो लेकिन अभी तक इनमें डेबिट कार्ड और यूपीआई की सुविधा को भी नहीं जोड़ा गया है। वहीं, इनमें खराबी की समस्या भी आने लगी है। डिपो से प्रत्येक माह करीब 50 मशीनें सुधार के लिए मुख्यालय भेजी जाती हैं।
महीनों बीत जाने के बाद भी यात्रियाें की सुविधा में लगाई मशीनें ठीक होकर नहीं आ रही हैं। हालांकि, चार-पांच मशीनें सुधार के बाद डिपो में पहुंच जाती हैं। फिलहाल, डिपो की 40 ई-टिकट मशीनें सुधार की हालत में हैं। रोडवेज कर्मचारियों के अनुसार, ई-टिकट मशीनें खराब होने के कारण एनसीएमसी (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड) यात्री टिकट नहीं बनवा पाते हैं।
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क्या है हैप्पी कार्ड योजना...
हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना (हैप्पी) कार्ड योजना के तहत 1 लाख रुपये सालाना आय वाले लोग हर साल 1,000 किलोमीटर तक मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वित्त वर्ष 2024-25 के बजट भाषण में पहली बार इस योजना की घोषणा की थी। परिवहन विभाग की ओर जिले में 73,531 हैप्पी कार्ड जारी किए गए हैं। इनमें से करीब 60 हजार लाभार्थी योजना का लाभ उठा रहे हैं।
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परिवहन विभाग की ओर से हैप्पी कार्ड जारी किया गया है। रोडवेज बस में कई बार मशीन में कार्ड का स्कैनर ठीक न होने से फ्री टिकट बनवाने में परेशानी आई है।
- रोहित कुमार, कंसाला
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कभी-कभार बसों में सफर करना पड़ता है। सरकार की ओर से जारी हैप्पी कार्ड को परिचालक को देते हैं तो अधिकतर कहा जाता है कि अभी मशीन नहीं चल रही है।
- प्रदीप, मदीना
मशीनों में कमियां आ जाती हैं जिन्हें सुधार के लिए मुख्यालय भेज दिया जाता है। मशीन बंद होने पर रोडवेज परिचालकों की ओर से यात्रियों की सुविधा में ऑफलाइन टिकट बनाया जाता है।
- जयबीर हुड्डा, यातायात प्रबंधक, रोडवेज
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