ई-संसाधनों के उपयोग से ऑनलाइन शिक्षण को प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही गुणवत्तापरक और विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने की आवश्यकता है। यह आह्वान एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने किया है। वे बुधवार को विश्वविद्यालय के मानविकी व कला संकाय, शिक्षा संकाय, सामाजिक विज्ञान संकाय व अंतर विषयक संकाय के प्राध्यापकों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने प्राध्यापकों को मूक्स पाठ्यक्रम सृजित व प्रारंभ करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्राध्यापकों की ऑनलाइन शिक्षण क्षमता अभिवृद्धि के लिए क्षमता संवर्धन कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। हस ऑनलाइन आईक्यूएसी फैकल्टी बैठक में निदेशक आईक्यूएसी प्रो. बी. नरसिम्हन ने गुणवत्तापरक शिक्षण प्रणाली के सृजन एवं संचालन संबंधी पृष्ठभूमि प्रस्तुत की। अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रो. नवरतन शर्मा, कुलपति के सलाहकार प्रो. अजय कुमार राजन ने भी बैठक में विचार साझा किए। मानविकी एवं कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. हरीश कुमार ने स्तरीय शोध प्रकाशन लेखन के लिए कार्यशाला आयोजन का सुझाव दिया। निदेशक फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर प्रो. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि प्राध्यापकों को ई-सामग्री (आडियो-वीडियो) तैयार करने के लिए भविष्य में प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान प्रो. संतोष नांदल, प्रो. सोनिया मलिक, प्रो. केवी, प्रो. शालिनी सिंह, प्रो. सेवा सिंह दहिया, प्रो. देसराज, प्रो. जितेंद्र कुमार, प्रो. लवलीन, प्रो. माया मलिक, प्रो. सुरेंद्र कुमार, प्रो. विमल शामिल रहे। कुलसचिव प्रो. गुलशन लाल तनेजा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधु, डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. एएस मान बैठक में शामिल हुए। निदेशक आईक्यूएसी प्रो. बी. नरसिम्हन ने सार संकलन किया।