माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था या कार्रवाई नहीं होती। अगर सीबीआई, पुलिस या नारकोटिक्स या अन्य विभाग का अधिकारी बनकर कोई कहे कि आपका बेटा या बेटी उनकी गिरफ्त में है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या पुलिस को कॉल करें, क्योंकि कॉल करने वाला साइबर ठग हो सकता है। वीरवार को सेक्टर दो स्थित सीनियर सिटीजन क्लब में लोगों को जागरूक करते हुए इंस्पेक्टर विजेंद्र ने यह बात कही।
साइबर ठगी को लेकर लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि साइबर ठग कहे कि आपका बेटा, बेटी या परिचित ड्रग्स या अन्य किसी गतिविधि में शामिल है। इसके अलावा कहे कि विदेश से पार्सल आया है। उसमें आपत्तिजनक वस्तु है, यह सुनते ही सतर्क हो जाएं, क्योंकि साइबर ठग डराकर ठगी का प्रयास करते हैं।