पंचायत चुनाव में हार-जीत के बाद सरपंच तो बनते हैं, लेकिन कई जगह वोटों के गणित पर भाईचारा भारी पड़ता है। ब्लॉक के गांव खरक जाटान में ऐसी ही भाईचारे की सरपंची देखने को मिली है। यहां पूरे गांव ने हारे हुए प्रत्याशी के लिए 11 लाख रुपये का चंदा जुटा दिया और सांत्वना के तौर पर उसकी झोली भर दी।
कहा जाता है कि चुनाव जीतने से ही मान-सम्मान नहीं मिलता, कई बार हारने वाले को भी सम्मान दे दिया जाता है। खरक जाटान के ग्रामीणों ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया। पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए दो ही उम्मीदवार आमने-सामने थे।
पिछड़ा वर्ग से उम्मीदवार जगबीर ठेकेदार की पत्नी सविता ने अपने प्रतिद्वंद्वी राज सिंह को 191 वोटों से हरा दिया। लेकिन ग्रामीणों ने हारे हुए उम्मीदवार को भी मान सम्मान दिया।
शुक्रवार को पंचायत कर गांव में जुटाया गए चंदे के 11 लाख रुपये राज सिंह की झोली में डाल दिए। ग्रामीणों का कहना है कि गांव का भाईचारा बना रहे, इसलिए ऐसा किया गया है। हार जीत नहीं बल्कि गांव का भाईचारा सबसे अहम होता है।
गांववासी अजमेर, प्रकाश, मास्टर महाबीर, कृष्ण, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि बलजीत सिंह, नान्हा नंबरदार रामेहर, सरदारा, भीम नाई, होक्म सिंह, रोशन, नसीब और राजकुमार ने कहा कि सामाजिक व धार्मिक कार्यों में रुचि रखने वाले व्यक्ति का मान सम्मान करना हमारा फर्ज था।
पूर्व सरपंच प्रतिनिधि बलजीत सिंह ने कहा कि गांव में भाईचारा खराब नहीं होने दिया जाएगा। राज सिंह ने कहा कि वे हर धार्मिक और सामाजिक कार्यों में कोई कमी नहीं आने देंगे। गांव ने जो सहयोग दिया, उसके लिए सबका धन्यवाद। राज सिंह ने गांव के सहयोग से मिले रुपयों में से 5100 रुपये बैंसी गौशाला में दान भी दिए।
गांव की नवनिर्वाचित सरपंच सविता के पति जगबीर उर्फ जग्गा ठेकेदार का कहना है कि गांव में भाईचारा बना रहना चाहिए। यह अच्छा कदम है। हम भी सभी को साथ लेकर विकास करवाएंगे।