कोरोना अभी समाप्त नहीं हुआ है। खतरा अभी बरकरार है। जिले में दो सक्रिय कोविड मरीजों के सामने आने से स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। हालांकि दोनों सक्रिय मरीज घर पर एकांतवास में हैं। विभाग ने लोगों से भ्रम में न रहने की बात कही है। साथह ही सतर्कता बरतने और कोविड नियमों के पालन करने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में अब तक 25894 मरीज संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 566 की मौत हो चुकी है, जबकि 25,326 को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल दो मरीज आइसोलेशन में हैं। मंगलवार को सामने आए इन मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। जिले में महामारी की संक्रमण दर 4.96 प्रतिशत व रिकवरी दर 97.73 प्रतिशत है।
इधर, महामारी से बचाव को लेकर टीकाकरण अभियान जारी है। इसके तहत बुधवार को 2655 लोगों को वैक्सीन दी गई। इनमें से 1476 को पहली व 1179 को दूसरी डोज दी गई। जिले में अब तक 813963 लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है।
अस्पताल में कर्मचारी बिना मास्क मिले तो होगी कार्रवाई : डॉ. ईश्वर सिंह
अस्पताल में बगैर मास्क पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। जब तक हम स्वयं मास्क नहीं पहनेंगेे तो अस्पताल में आने वालों को मास्क पहनने के लिए कैसे कहेंगे? तीसरी लहर कभी भी आ सकती है। उक्त बातें पीजीआईएमएस के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ईश्वर सिंह ने कहीं हैं। वे बुधवार को चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में चल रही सफाई कर्मचारियों की ट्रेनिंग का निरीक्षण करते समय बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि हमें कोरोना से खुद को सुरक्षित रखना है, ताकि हमारा परिवार सुरक्षित रहे सके। इसके लिए हमेशा घर से बाहर निकलते समय मास्क अवश्य लगाना चाहिए। हमने वैक्सीन लगवा ली है, लेकिन बच्चों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है। इसलिए उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मास्क अवश्य लगवाएं। तीसरी लहर कभी भी आ सकती है। कोरोना के केस आने शुरू हो गए हैं। ऐसे में हमें सावधानी बरतनी होगी। ट्रेनिंग की नोडल अधिकारी पैथॉलॉजी विभाग की डॉ. सुनीता सिंह ने कहा कि वे कुलपति डॉ. जी. अनुपमा के निर्देशानुसार पिछले 10 दिनों से सफाई कर्मचारियों की कोविड से बचाव की ट्रेनिंग कराई जा रही हैं।
डीएमएस डॉ. महेश माहला ने कहा कि अगले सप्ताह से बीयररों की ट्रेनिंग की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इनके बाद सुरक्षा कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग का महत्व, कोविड से कैसे सुरक्षित रहने के बारे बताया जा रहा है। नर्सिंग कॉलेज की आचार्य हेमवती पीपीई किट पहनना व निकालना सिखाती हैं। मनोरोग विभाग के चिकित्सकों तनाव मुक्त रहने के तरीके सुझाते हैं।