पीजीआई से पुलिस हिरासत से फरार हुए कुख्यात बदमाश अशोक उर्फ डोगा को अपराध
जांच शाखा पुलिस ने साथी अजमेर सहित दिल्ली से गिरफ्तार किया।
पुलिस
ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों को पांच दिन के
पुलिस रिमांड पर भेजा है। जांच पड़ताल के दौरान डोगा ने स्वीकारा कि फरार
होने के बाद उसने एक व्यापारी से चौथ मांगी थी। पुलिस दोनों आरोपियों से
पूछताछ कर रही है। डोगा के खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या और हत्या के
प्रयास आदि दस आपराधिक मामले दर्ज हैं और उस पर पचास हजार रुपये का इनाम
घोषित है।
नौ अक्तूबर को बलियाना निवासी कुख्यात बदमाश अशोक
उर्फ डोगा पीजीआई से चकमा देकर फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए
अपराध जांच शाखा के प्रभारी संदीप धनखड़ के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित
की थीं। शुक्रवार देर रात को पुलिस को सूचना मिली कि डोगा अपने साथी रिढाना
निवासी अजमेर के साथ दिल्ली में छिपा हुआ है। पुलिस ने छापा मारकर दोनों
को पकड़ लिया।
डीएसपी करण गोयल ने बताया कि पुलिस ने डोगा और
अजमेर को अदालत में पेश किया। अर्जी पर सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपियों
को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने
स्वीकार कि पीजीआई से फरार होने के बाद वह दिल्ली और मुंबई सहित अन्य
स्थानों पर रहा और इस दौरान उसने रोहतक के एक व्यापारी से चौथ मांगी थी।
पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।