09-पीजीआई में विजेताओं के साथ निदेशक डॉ. एसके सिंघल व अन्य। स्रोत: पीजीआई
रोहतक। इंदौर में 10 से 12 अप्रैल तक आयोजित रिसर्च सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजी की 34वीं वार्षिक राष्ट्रीय एवं 5वीं अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आरएसएसीपीकॉन में पीजीआई के एनेस्थीसिया विभाग के चिकित्सकों ने पांच पुरस्कार हासिल किए हैं। इसमें देश-विदेश के 2000 से अधिक एनेस्थीसिया विशेषज्ञों ने भाग लिया व शोध पत्र प्रस्तुत किए।
कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने सभी चिकित्सकों को बधाई देते हुए कहा कि निश्चेतन विभाग के चिकित्सकों ने 5 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि हमारे एनेस्थीसिया विभाग के संकाय सदस्यों ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर उच्चस्तरीय क्लिनिकल रिसर्च व एविडेंस-बेस्ड प्रैक्टिस का प्रदर्शन किया है।
निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने कहा कि एनेस्थीसिया, पेरि ऑपरेटिव मेडिसिन का स्तंभ है। ऑपरेशन थियेटर में मरीज की हेमोडायनामिक स्थिरता व सुरक्षा एनेस्थेटिस्ट की विशेषज्ञता पर निर्भर करती है। एयरवे मैनेजमेंट, रीजनल एनेस्थीसिया व सिमुलेशन ट्रेनिंग जैसे क्षेत्रों में विभाग की ओर से किया जा रहा शोध क्रिटिकल मरीजों की मॉर्बिडिटी कम करने में निर्णायक सिद्ध होगा।
डॉ. प्रीति गहलोत ने बताया कि तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस में एडवांस एयरवे तकनीक, अल्ट्रासाउंड-गाइडेड रीजनल एनेस्थीसिया, पेरिऑपरेटिव पेन मैनेजमेंट एवं मरीज सुरक्षा पर केंद्रित वर्कशॉप, लाइव डेमोंसट्रेशन व विशेषज्ञ पैनल डिस्कशन आयोजित हुए। इस कांफ्रेंस में डॉ. जतिन लाल, डॉ. सुधा, डॉ. अंजू रानी, डॉ. आशा व अन्य उपस्थित रहे।